बरसाती रोगों से बचाता इन 4 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सेवन

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image credit: dayafterindia.com

मानसून, इस मौसम का इंतजार तो सभी को रहता है। (herbs for boosting immune system ) इसी मौसम में तो फसलें लहलहा उठती है, भीषड़ गर्मी से राहत मिलती है, और मौसम सुहाना हो जाता है। जहाँ मानसून इतनी सारी खुशियाँ अपने साथ ले आता है, वही इसे ‘डॉक्टरों का सीजन’ भी कहते हैं, क्यों ? क्योकि यह अपने साथ अनेक जल तथा हवा से जन्मित बीमारियाँ भी साथ लाता हैं, जैसे की फ्लू, सर्दी, एलर्जी, इन्फेक्शन इत्यादि। हमारी इम्युनिटी इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। इन बीमारियों से बचने के लिए हम आयुर्वेद का भरपूर उपयोग कर सकते है क्योकि आयुर्वेद की जड़ी बूटियाँ, हमे केमिकल दवाइयों से भी अधिक लाभ पहुँचती हैं।

 

तो आइए, जानते है आयुर्वेद के भंडार से वे चार जड़ी बूटियाँ जो हमें बरसाती रोगों से दूर रख सकती हैं-

 

1. तुलसी- इसका धार्मिक महत्त्व बहुत अधिक हैं परंतु इसके साथ ही इसका आयुर्वेदिक महत्त्व भी है। इसके पत्ते बलगम को हटाकर खांसी काम करने में मददगार है। यह साँस की बीमारी से राहत दिलाता है क्योकि यह फेफड़ो में वायुमार्ग को फैलाकर सीने की बेचैनी को काम करता है। इसलिए हमें रोज कम से कम दो कप तुलसी की चाय पीनी चाहिए। ऐसा करने से ना ही इसके एंटी- बैक्टीरियल तत्व हमारे शरीर को वायरस से बचाते है बल्कि हमारे इम्युनिटी सिस्टम को भी मजबूत बनाते है। तुलसी के पत्ते बॉडी को नैचुरली डिटॉक्सीफाई भी करते है।

 

2. गुडूची (गिलोय)- यह इम्युनिटी को मजबूत करने में काफी प्रभावशील है क्योकि यह इन्फेक्शन से लड़कर वाइट ब्लड सेल्स के प्रभाव को बढ़ाता हैं जो बीमारियों से जल्दी ठीक होने में सहायता करती हैं।

 

3. अश्वगंधा- यह शरीर में ऊर्जा और सहनशक्ति बढ़ाकर इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह तंत्रिका तंत्र को शांत कर नींद की गुणवत्ता  में भी सुधार करता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को कम तो करता ही है साथ ही साथ इसमें एंटी – मलेरियल गुण भी पाए जाते हैं।

 

4. त्रिफला- इसका नाम ही दर्शाता है की यह तीन जड़ीबूटियों का मिश्रण है जो की आंवला, बहेड़ा और हरड़ हैं। इन तीनो जड़ीबूटियों का अपना अलग अलग महत्त्व है। जैसे की:

आंवला- यह विटामिन सी का बेहतर स्रोत है जिससे ठण्ड की गंभीरता कम होती है।आंवला इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। बहेड़ा- छाती को साफ कर खांसी के इलाज में मदद करता है। लूज़ मोशन भी नियंत्रित करता है। हरड़- पाचन को बेहतर करता है। इसके पाउडर के गरारे से गले को आराम मिलता है।