घुटने, पेट तथा कमर के लिए फायदेमंद है – बद्धकोणासना योग

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बद्ध का अर्थ है बंधा हुआ तथा कोण का अर्थ है कोना, इस आसन को करते समय शरीर का रूप त्रिकोण की तरह होता है। और इस आसन को करते समय पूरा शरीर बंधा हुआ होता है इसलिए इसे बद्ध कोणासन कहते हैं।

आइये जानते हैं बद्धकोणासन को करने की विधि: Steps to do Bound Angle Pose Yoga

  • दोनों पैरों को सामने की और फैला कर दण्डासन की मुद्रा में बैठ जाएँ। मेरुदंड को सीधा रखें।
  • अब श्वांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए दोनों पैरो के घुटनों को मोड़ें तथा पैरों के तलवों को एक दुसरे से मिला दें।
  • अब दोनों हाथों की उँगलियों को एक दुसरे से मिलते हुए ग्रिप बनाएं तथा पैरों के पंजों को उसमे दबाएँ।
  • अब आगे की और झुकते हुए ठोढ़ी को जमीन पर टिका दें, ध्यान रखें की मेरुदंड और कंधे सीधे रहने चाहिए।
  • अब श्वांस छोड़ दें और 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
  • श्वांस लेते हुए पुनः पहले की स्थिति में आ जाएँ। आप इस आसन को 2 से 3 बार दोहरा सकते हैं।

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बद्धकोणासन के लाभ: Benefits of Bound Angle Pose Yoga

  • इस आसन को करने से घुटनों के हिस्से में रक्त का प्रवाह अच्छी तरह से होता है।
  • यह आसन पैरों के अलावा पेट, कमर, गुर्दे, प्रोस्टेट तथा मूत्राशय को स्वस्थ रखने में लाभकारी सिद्ध होता है।

सावधानी:

जिन लोगों को घुटने, पेट अथवा कमर में समस्या हो उन्हें यह आसन नही करना चाहिए या फिर चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए।