जानिए ब्रेन हेमरेज के कारण, लक्षण व बचाव के तरीके

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image credits: My Health.Alberta.ca

ब्रेन हेमरेज या दिमागी नकसीर दिमाग में या आस-पास रक्तस्त्राव होने से होता है। (brain hemorrhage causes in hindi) इसके कई प्रकार होते हैं जैसे- इंट्राक्रेनियल यानि खोपड़ी के अंदर रक्तस्त्राव, सेरिब्रल यानि मस्तिष्क के अंदर या आस-पास रक्तस्त्राव आदि। ब्रेन हेमरेज एक जानलेवा बीमारी है जिसके परिणाम इसकी गम्भीरता पर निर्भर करते है। आइये जाने इस घातक रोग को जो दबे पाँव किसी भी जीवन में दस्तक दे सकता है-

 

ब्रेन हेमरेज के कारण

इस रोग के कई कारण हो सकते है। इनमे से प्रमुख है- रक्तनलियों का उलझना, रक्तस्त्राव, सर पर चोट और खून का पतला होना। ड्रग लेना, ज़्यादा दवाइयाँ खाना या शराब पीना ब्रेन हेमरेज के खतरे को बढा देता है। ब्रेन हेमरेज के कुछ प्रकार सर पर उभार के फटने के कारण भी होते है।

 

हेमरेज का असर इसकी गम्भीरता, खोपड़ी में सूजन तथा उपचार के विलंब पर निर्भर करता है। कुछ लोग इसके प्रभावों से उभर पाते है वहीं कुछ लोगों के मस्तिष्क हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो जाते है। हेमरेज में रक्तस्त्राव होने से दिमाग का सामान्य रक्तप्रवाह बदल जाता है जिससे पैरालिसिस, हार्ट अटैक या अन्य गम्भीर रोग हो जाते है। ये अस्थाई भी हो सकते है और स्थाई भी।

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ब्रेन हेमरेज के लक्षण

ब्रेन हेमरेज अचानक ही होता है। अगर किसी इंसान को निम्न लक्षण महसूस हो रहे हो तो वह ब्रेन हेमरेज का शिकार हो सकता है-

 

  • अचानक उठा तीव्र सरदर्द
  • अचानक चेहरे या पैर का सुन्न पड़ना या लकवा मारना।
  • देखने या पानी आदि गटकने में परेशानी।
  • एकाएक सन्तुलन बिगड़ना।
  • समझने, बोलने, पढ़ने या लिखने में अचानक परेशानी आना।
  • अचानक बेहोशी या कोमा में जाना।

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ब्रेन हेमरेज के उपचार

कई हेमरेज अपने आप ठीक हो जाते है इसलिए उपचार की जरूरत नही पड़ती।  पर आप यदि खुद मे या किसी और में ऊपर दिए लक्षण देख रहे है या किसी को सर पर गम्भीर चोट लगी है तो तुरंत विशेषज्ञ के पास जाएँ।  वे आपको उचित सलाह देंगे और CT स्कैन या MRI स्कैन की जरूरत समझ कर सन्दर्भित करेंगे।  स्कैन में हेमरेज पुख्ता होने पर चिकित्सक ज़रूरी दवाइया और परहेज़ देंगे।  स्थिति गम्भीर होने पर आपरेशन भी करना पड़ सकता है।

 

बचाव

आधे से ज़्यादा ब्रेन हेमरेज के मामले सर पर चोट लगने के कारण होते है। इसलिए अपने सर को अच्छी तरह बचाना बहुत ज़रूरी है। बच्चो में यह सावधानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि उनके सर का विकास पूर्णतः नही होता और चोट लगने की आशंका हमेशा बनी रहती है ।  ब्रेन हेमरेज से बचने के लिए निम्न उपाय अपनाएं-

 

  • कार में हमेशा सीटबेल्ट पहने।
  • किसी भी तरह के खेल में हेलमेट ज़रूर पहने।
  • घर में सभी सामानों को सही जगह दें ताकि गिरने की आशंका न रहे।
  • पानी में 12 फ़ीट के नीचे गोता न लगाएं ।

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और भी कई तरीकों से आप हेमरेज की आशंका से बच सकते है।  इनमे सबसे महत्वपूर्ण है ड्रग्स और पेनकिलर्स के अत्यधिक और अनुचित उपयोग से दूर रहना।  सिगरेट और शराब से भी दुरी बनाए रखना ऐसी समस्या से बचाव में मददगार साबित होता है।

 

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