जानिए कब और क्यों होती है बाईपास सर्जरी की जरूरत

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heart bypass surgery
image credits: UPMC Pinnacle

दिल की बाईपास सर्जरी के उपयोग से आपके शरीर की क्षतिग्रस्त नस को बदला जाता है ताकि दिल तक रक्त का प्रवाह समान्य बना रह सके। ऐसा करने के लिए सर्जन आपके शरीर के अन्य हिस्सों की धमनियों का उपयोग करते हैं। (bypass surgery heart attack blockage stop recovery time in hindi) धमनियों की रुकावट को सही करने के लिए बाईपास सर्जरी का उपयोग अब लगातार बढ़ता जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण क्रिया है जिसके बारे में सही जानकारी रखना ज़रूरी है।

 

बाईपास सर्जरी के विभिन्न प्रकार क्या है?

बाईपास सर्जरी के कई रूप होते हैं जिनमें से एक आपको आपके चिकित्सक आपकी समस्या के अनुसार सुझाएंगे-

  • सिंगल बाईपास : सिर्फ एक ही धमनी में रुकावट है
  • डबल बाईपास : दो धमनियों में रुकावट है
  • ट्रिपल बाईपास : तीन धमनियों में रुकावट है आदि

 

जितनी ज्यादा धमनियां अवरोधित होंगी, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर या दिल के अन्य रोग होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। इतना ही नहीं, ज्यादा धमनियां अवरोधित होने का मतलब होगा की सर्जरी ज्यादा जटिल होगी तथा समय लेगी।

 

बाईपास सर्जरी की ज़रूरत क्यों होती है?

जब आपकी धमनियों में प्लाक नामक पदार्थ जमने लगता है तो कम रक्त प्रवाहित होता है। ज़रूरी रक्त प्रवाहित करने के लिए दिल की मांसपेशियों को और भी मेहनत करनी पडती है। अगर यह समस्या समय पर न सुलझाई जाए तो दिल की मांसपेशियां थक सकती हैं और इन्हें नुकसान भी हो सकता है। यह क्षति अक्सर दिल के बाएँ तरह पहले होती है क्यूंकि यही सबसे महत्वपूर्ण पंप होता है।

तो अगर आपकी धमनियां अवरोधित हैं और आपके चिकित्सक को लगता है की इससे दिल को नुकसान पहुँच रहा है या आपको हार्ट अटैक का खतरा है तो आपको बाईपास सर्जरी सुझाई जा सकती है।

 

बाईपास सर्जरी से कौनसे खतरे जुड़े हैं?

समय के साथ तकनीकें बेहतर हुई हैं जिससे ह्रदय की सर्जरी से जुड़े खतरे कम हुए हैं। पर फिर भी बहुत कम मामलों में कुछ खतरे या जटिलताएं देखी जाती हैं, जैसे-

 

  • खून बहना
  • arrhythmia
  • खून के थक्के जमना
  • छाती में दर्द
  • संक्रमण
  • किडनी फेलियर
  • बुखार
  • हार्ट अटैक

 

बाईपास सर्जरी के लिए तैयारी कैसे करें?

अगर आपके चिकित्सक आपको बाईपास सर्जरी सुझा रहे हैं तो वो आपको सभी जानकारियां देंगे जिससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार रह सकते हैं। अगर आपकी सर्जरी आकस्मिक नहीं है तो ऑपरेशन से पहले आपको कुछ जानकारी एवं दवाओं के लिए चिकित्सक से मिलने बुलाया जा सकता है। ज़रूरत लगने पर आपके चिकित्सक आपको कुछ जांच करवाने के लिए भी कह सकते हैं।

 

बाईपास सर्जरी कैसे होती है?

सर्जरी के पहले आपको कपड़े बदलने के लिए कहा जाएगा तथा कुछ दवाएं भी दी जाएंगी। इसके आपको एनेस्थीसिया IV दिया जाएगा जिससे आप गहरी, पीड़ामुक्त नींद में चले जाएंगे।

इसके बाद आपकी छाती के बीच एक चीरा लगाया जाएगा। यह चीरा आपकी बीमारी तथा ऑपरेशन की तकनीक के अनुसार छोटा या बड़ा हो सकता है।

अब आपको एक बाईपास मशीन पर रखा जाएगा जो आपके शरीर के लिए फेफड़ों और दिल का काम तब तक करेगा जब तक ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता। कभी-कभी इस चरण की ज़रूरत नहीं होती है।

अगर आपकी सर्जरी लम्बी चलने वाली है तो चिकित्सक आपके शरीर को ठंडा करने के लिए भी कुछ तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।

अब, आख़िरकार, आपके चिकित्सक क्षतिग्रस्त धमनी को हटाकर नई धमनी जोड़ते हैं।

 

बाईपास सर्जरी से उबरने में कितना समय लगता है?

जब आप सर्जरी के बाद हॉस्पिटल से जाने लगते हैं तो मेडिकल टीम आपको कई तरह के निर्देश देंगे ताकि आप चीरे का ध्यान रखें, पूरा आराम लें तथा ज्यादातर शारीरिक गतिविधियाँ न करें।

इन निर्देशों का पालन करने तथा कोई भी जटिलता न उभरने के बावजूद आपको पूरी तरह ठीक होने में 6-12 हफ्ते लग सकते हैं। यह न्यूनतम समय है जिसमे आपकी छाती की हड्डियाँ दुबारा जुडती हैं। इस दौरान आपको थकान या भार वाले काम नहीं करने चाहिए। 4 किलो से ज्यादा का सामान विल्कुल न उठाएं तथा दिनचर्या में बेहद ज़रूरी कामों को ही जगह दें। अगर आप किसी असहजता को महसूस करते हैं तो चिकित्सक से ज़रूर चर्चा करें।