महिलाओ में बालों का पतला होने के कारण व सही उपचार

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image credits: Toronto Hair Transplant Clinic

आम तौर पर एक बाल एक महीने में आधा इंच तक बढ़ता है। (causes of thinning hair in woman, patle balo ko mota banana) इसकी यह बढ़त दो से छह सालों तक इसी तरह चलती रहती है जिसके बाद यह गिर जाता है तथा इसकी जगह नया बाल उगने लगता है। अगर बालों की यह उम्र कम हो जाए या बाल गिरने के बाद इसकी जगह नया बाल न आए तो बाल पतले होने लगते हैं तथा गंजापन छाने लगता है।

 

खुशखबरी ये है की पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में गंजेपन की समस्या कम गंभीर होती है। लगभग 50 तरह की मेडिकल अवस्थाओं में बालों का झड़ना और पतला होना प्रारंभ हो सकता है पर ये सभी आपको स्थाई गंजापन नहीं देते। साथ ही, रोजाना 80-100 बाल झड़ना आम माना जाता है। इसलिए कंघी में बाल देखकर चिंता करके अपने बाल न झड़ाईए।

 

हेयर लॉस क्या होता है?

हेयर लॉस को आधुनिक चिकित्सा की भाषा में अलोपेचिया कहा जाता है, पर इसके कारण के अनुसार बाल झड़ने के कई प्रकार हो सकते हैं।

इनमे सबसे आम समस्या है फीमेल या मेल पैटर्न बाल्डनेस, जो पुरुषों में ज्यादा देखा जाता है। पुरुषों में जहाँ ये समस्या सिर के सामने की हेयरलाइन पीछे हटने से शुरू होती है वहीं महिलाओं में इस समस्या की शुरुआत सिर के ऊपर से होती है।

अगर आपको यह समस्या हो रही है तो आप देखेंगी की आपकी मांग लगातार चौड़ी होती जा रही है। पुरुषों के मामलों के विपरीत महिलाओं में पूरी तरह गंजापन बहुत ही कम मामलों में देखा जाता है।

तनाव, अनिद्रा, खाने की ख़राब आदतें, प्रदुषण आदि बालों के झड़ने की समस्या को जन्म देने के कारण माने जाते हैं। इन समस्याओं का एक कारण अनुवांशिक भी होता है। मतलब अगर आपके परिवार में दो या ज्यादा पीढ़ियों को यह समस्या रही है तो आपको इसके होने की आशंका है। अगर ऐसा है तो भी उचित देखभाल से बालों के झड़ने को रोका जा सकता है।

 

बालों के झड़ने की क्या वजह होती है?

महिलाओं में बाल पतले होने या गंजेपन की तीन मुख्य वजहें होती हैं- उम्र, हॉर्मोन और जीन्स।

भारत में महिलाओं का गंजापन या बालों का बहुत पतला हो जाना आम नहीं है। पर अगर महिला 30-50 साल के बीच की उम्र की है तो हार्मोनल असंतुलन हो जाने से बहुत सारे बाल झड़ सकते हैं। अगर मांग चौड़ी होनी शुरू हो गयी है या सिर की त्वचा का कुछ हिस्सा दिखने लगा है तो तुरंत किसी डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। हार्मोनल असंतुलन बालों के गिरने के अलावा कई और गंभीर समस्याओं को भी जन्म दे सकता है इसलिए इसका उपचार और रोकधाम शुरू कर देना चाहिए।

कई और कारणों से भी बाल झड़ सकते हैं- तनाव, खाने की गलत आदतें या अचानक डाइटिंग शुरू कर देना। तनाव से शरीर में मेल होर्मोन्स का स्त्राव शुरू हो जाता है जो मेल पैटर्न बाल्डनेस की वजह बन सकता है। बहुत ज्यादा विटामिन A या बहुत कम प्रोटीन लेना भी बालों के गिरने की वजह हो सकते हैं।

 

बाल झड़ने लगे तो क्या करें?

असामान्य तरीके से बाल झड़ने शुरू हो गये हों तो अपने शरीर में आयरन और थाइरोइड के स्तर की जांच करवा लें। मीनोपॉज होने के बाद बालों के झड़ने की समस्या और भीर गंभीर हो सकती है इसलिए समय रेह्नते एस्ट्रोजन के स्तरों का उपचार करना बहुत ज़रूरी है।

अगर ऊपर दिए कारणों से आपको हेयर फॉल हो रहा है तो इसे सही आहार और होर्मोन्स के उपचार से ठीक किया जा सकता है।

 

क्या झड़े बालों को दुबारा उगाने का कोई तरीका है?

नहीं, महिलाओं में आए गंजेपन या फीमेल पैटर्न बाल्डनेस में एक बार बाल झड़ जाने के बाद यह दुबारा नहीं बढ़ता। महिलाओं में गंजापन स्थाई होता है तथा इसे ठीक नहीं किया जा सकता।

पर आप बालों के झड़ने को रोक सकते हैं। इसके लिए आपको किसी दादी माँ के नुस्खे की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरत है बालों को पूरी तरह पोषण देने की, जिसके लिए आपको नियमित रूप से अपने बालों में तेल लगाना चाहिए। सिर्फ ऊपर से हल्का तेल लगा लेना ही काफी नहीं होगा, बालों की चम्पी ही इन्हें सेहतमंद रखेगी। मालिश करने से सिर में रक्त का प्रवाह बढ़ेगा जिससे बाल घने होने के साथ चमकदार और खुबसुरत भी दिखेंगे।

बाज़ार में मिलने वाले रसायन से बने शैम्पू से आपको दुरी बना लेनी चाहिए। इनकी जगह आंवला, रीठा और शिकाकाई के अर्क को अपने बालों की जड़ों में लगाएं। इससे बालों के झड़ने को रोका जा सकता है।

अपने आहार में फल और मेवों को शामिल करें। आहार में दूध, फल, सब्जियां संतुलित मात्रा में लेने से सम्पूर्ण सेहत को फायदा पहुंचेगा। भरपूर प्रोटीन लेना बिल्कुल न भूलें।

इन सुझावों के अलावा कुछ दवाएं भी बालों की समस्या ठीक करने का वादा करती हैं, पर इन्हें चिकित्सक की देख रेख में लेना ही सही होगा।