इस त्यौहार खाने-पीने का इस तरह बनाएं बैलेंस

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image credits: Cookingmanna

त्योहारों का स्वागत जोर शोर से शुरू हो चुका है और आपकी रसोई में भी मिठाई की खुशबू फ़ैल रही होगी। ऐसे में स्वादिष्ट व्यजनों का लालच हमें अत्यधिक खाने और आहार में गलती करने पर मजबूर कर देता है। अंत में आप मन में ग्लानी और बढ़े हुए पेट से परेशान रह जाते हैं। इस दिवाली इस अवस्था में बदलाव करें; आहार से जुडी इन गलतियों को न दोहराएं-

 

सफ़ेद शक्कर और मैदा उपयोग करना 

सफ़ेद शक्कर की जगह ब्राउन शुगर या गुड का इस्तेमाल करें। अगर आपके व्यंजन इनसे सम्भव नहीं तो शहद को आजमाएं। इसी तरह खाने को मैदे से पकाने की जगह विभिन्न तरह के हेल्थी आटे से तैयार करें। बाज़ार से ख़रीदे जा रहे व्यंजन में भी ऐसे विकल्प चुनें जो आपको मैदे और शक्कर से दूरी दे।

 

तेल का दोबारा उपयोग करना 

अक्सर हम तेल में व्यंजन फ्राई करने के बाद तेल को दोबारा कुछ और पकाने में उपयोग कर लेते हैं। यह आदत स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है। उपयोग किये तेल में फ्री रेडिकल पैदा हो जाते हैं जिससे आपको एसिडिटी, छाती में जलन आदि समस्या रह सकती है। लम्बे समय तक यह आदत अपनाने से नसों में अवरोध भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए तेल को हमेशा ताज़ा ही उपयोग करें तथा स्टीम से तैयार होने वाले व्यंजनों का भी रुख करें।

 

फलों से दूरी 

दिवाली का नाश्ता दिनभर खाते रहने से आपको पेट हमेशा भरा हुए महसूस होता होगा। ऐसे में फल खाने का ख्याल आना भी दूर की बात है। पर तले भुने व्यंजन आपके शरीर को पानी और पोषण से वंचित कर देते हैं जिनकी पूर्ति फलों से ही सम्भव है। निश्चय करें की दिन के एक तय समय आप फल ज़रूर खाएंगे तथा किसी भी कारण से फल खाने का नियम भंग नहीं करेंगे।

 

भोजन न करना 

भागदौड़ और नाश्ते की प्लेटों के बीच सम्पूर्ण आहार के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसा होने पर भोजन का समय होने पर फाइबर और पोषण से भरपूर आहार की थोड़ी सी मात्रा ज़रूर लें; यह आहार आपको दिनभर काम करने की उर्जा देगा तथा सूखे नाश्ते को पचाने में मदद करेगा।

 

भरपूर पानी न पीना 

त्योहारों में भूखे पेट पार्टी में जाना तथा भूख और प्यास के सभी इशारों को नज़रंदाज़ करना कई लोगों की आदत बन जाती है। पर शरीर को पानी की ज़रूरत बड़ी मात्रा में होती है जिसे कभी भी नज़रंदाज़ न करें।  कोल्ड ड्रिंक या चाय-कॉफ़ी को पेय न मानें; सादा पानी हमेशा अपने साथ रखें तथा प्यास लगने पर इसे ज़रूर पियें।

 

शराब के सेवन पर लगाम न लगाना 

शराब हमेशा सीमित मात्रा में ही पियें। व्हिस्की या वाइन के ऊपर बियर का चुनाव करें क्यूंकि ये शरीर से कम पानी चुराती है। जूस और शराब का मेल कॉकटेल्स से भी दुरी बनाएं क्यूंकि ये भी बियर जितना ही पानी चुराती है और साथ में अतिरिक्त कैलोरी भी शरीर को दे जाती है।