स्वस्थ भारत यात्रा – कैसे बनें इसका हिस्सा

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image credits: fssai.gov.in/swasthbharatyatra

महात्मा गाँधी ने नमक के एक दाने से भारत की आज़ादी के आंदोलन को नई ऊर्जा दे दी थी। इस साल उनकी 150वीं वर्षगाँठ पर भारत ‘ईट राइट इंडिया’ से स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण क़दम बढ़ाने का संकल्प ले रहा है। क्या है यह अभियान और आप तक यह कैसे पहुँचेगा, आइये जानते हैं-

 

ईट राइट इंडिया 

भारत में 70 प्रतिशत नवजात कुपोषण का शिकार होते हैं, 40 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी से परेशान रहती है तथा देश का एक अन्य बड़ा तबका मोटापे और इससे जुडी बीमारियों से ग्रसित है। भारत के ज़्यादातर लोग खाने से जुड़ी बीमारियों, पोषक तत्वों की कमी, अत्यधिक वजन से होने वाले रोगों या शारीरिक व् मानसिक ढांचा पूरी तरह विकसित न होने से ग्रसित हैं। यह अवस्था देश की अर्थव्यवस्था पर एक बड़ा भार भी पैदा करती है।

खाद्य संरक्षा और स्वस्थ पोषक आहार ही इस समस्या का समाधान है। इसी प्रसंग में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक संस्थान ने  ईट राइट इंडिया अभियान की शुरुआत की। इसके अंतर्गत भारत की तीन प्रमुख योजनाएं- आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत अभियान व् पोषण अभियान का सन्देश एवं लाभ घर-घर तक पहुँचाने का कार्य किया जाएगा।

 

स्वस्थ भारत यात्रा 

स्वस्थ भारत यात्रा देश भर में जाने वाला एक साईक्लोथॉन है जो की ईट राइट इंडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के कोने कोने तक स्वच्छ और स्वस्थ आहार का महत्व पहुंचाने के लिए यह यात्रा 16 अक्टूबर 2018 (विश्व खाद्य दिवस) से शुरू होगी। 150 साइकिलिस्ट देश की छह जगहों के छह ट्रैक से शुरुआत कर चलते हुए लगभग सभी राज्यों तक पहुंचेंगे। यह यात्रा 27 जनवरी 2019 को दिल्ली में खत्म होगी।

150 साइकल चालकों का यह काफ़िला हर दिन 50-60 किलोमीटर का रास्ता तय करेगा तथा अगले काफ़िले को आगे के रास्ते की कमान सौपेगा। बीच में रुकते हुए ये समूह 2-3 शहरों में आहार के प्रति जागरूकता फैलाएंगे, जिसे एक्टिवेशन प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा। जिस शहर में यह काफिला रुकेगा, वहां पर अगले दिन प्रभात फेरी होगी, जिसमें वहां के कम से कम 80 लोग भाग लेंगें तथा 3 जगहों पर एक्टिवेशन प्वाइंट बनाए जाएंगें।

 

स्वस्थ भारत यात्रा का सन्देश 

यह यात्रा आप तक भोजन और स्वास्थ्य से जुड़े ये सन्देश लेकर पहुंचेगी-

 

साफ-सफाई 

स्वयं व् आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखने से आप पानी और आहार से होने वाले संक्रमण से बच सकते हैं। इसमें हाथ धोना, सफाई रखना, कचरे का सही निपटान करना एवं कीटनाशक का छिड़काव शामिल है।

 

आहार का फोर्टिफिकेशन 

पोषण की कमी से बचने का प्रामाणिक तरीका आहार को फोर्टीफाई करना है। इस तरह आहार से मिलने वाले पोषण की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। सामान्य आहार में महत्वपूर्ण विटामिन व् खनिज को मिलाकर इसका फोर्टिफिकेशन किया जा सकता है।

 

आहार को व्यर्थ न करना 

हर दिन लाखों टन आहार कचरे की तरह फेक दिया जाता है। जितना आहार हमारा देश पैदा करता उसका एक तिहाई हिस्सा इसी तरह व्यर्थ हो जाता है वहीं करोड़ों लोग भूखे रह जाते हैं। इसलिए देश को भुखमरी से बाहर निकालने के लिए भोजन फेकने की आदत से तौबा करना ज़रूरी है।

 

साइकिल चलाने के लाभ 

साइकिलिंग एक लो-इम्पैक्ट व्यायाम है जो बहुत आनंदायक भी है। बच्चे या बूढ़े, सभी इसका आनंद ले सकता है तथा इस तरह पर्यावरण की रक्षा भी कर सकते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप एवं मधुमेह आदि को कम कर ह्रदय रोग, कैंसर व् अन्य गंभीर रोगों से रक्षा करता है। इस व्यायाम से आपकी सोचने की शक्ति बढ़ती है, हड्डियां मज़बूत होती है तथा मनोदशा बेहतर होती है।

 

आप भी इस अभूतपूर्व यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। fssai.gov.in/swasthbharatyatra पर अपने शहर से निकलने वाली यात्रा के बारे में जानकारी पाएं तथा स्वयं का भी पंजीकरण करें। आप वेबसाइट के माध्यम से या टोल-फ्री न. 1800112100 पर कॉल करके भी पजींकरण कर सकते हैं।