घुटने, कमर व निचली पीठ के दर्द से छुटकारा दिलाए “उत्तिठा पार्श्वकोणासन” योग

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यह आसन सुबह के समय करने से अत्यधिक लाभ मिलता है। इस आसन को खाली पेट करना चाहिए या फिर खाना खाने के 5-6 घंटे बाद करना चाहिए। ताकि खाना अच्छे से पच सके। आइये देखते है इस आसन को करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

आसन करने की विधि: Steps to do Extended Side Angle Pose

  1. सर्वप्रथम चटाई पर लम्बी वाली तरफ मुह करके खड़े हो जाएँ। अपने पैरों को एक दुसरे से दूरी पर फैला कर रखें। आपकी एड़ियां एक सीध में होनी चाहिए।
  2. अपने दाहिने पैर को बाहर की तरफ मोड़ें। अपने बाएं पैर के पंजे 45 डिग्री के कोण पर होगे।
  3. बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए दाहिने पैर को मोड़िये। आपकी जांघ चटाई के समानांतर होनी चाहिए। आपका घुटना आपकी एड़ी के ऊपर और दोनों पंजो की सीध में होना चाहिए।
  4. सांस अंदर की तरफ लेते हुए अपने पेट को अंदर की तरफ खींचे। अब बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को दाहिने पैर के उपर खींचे। अब दाहिनी भुजा को नीचे की तरफ लायें, तथा बाईं भुजा को छत की तरफ फैलाएं। आपकी हथेली सामने की तरफ होनी चाहिए।
  5. आपकी गर्दन और रीढ़ एक सीध में होने चाहिए। तथा नजर बायीं भुजा की तरफ होनी चाहिए।
  6. इसी अवस्था कुछ सेकंड रहें, और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएँ।

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लाभ:

  1. यह घुटने, एडियों तथा पैरों में खिंचाव उत्पन्न करके उन्हें लचीला तथा मजबूत बनाता है।
  2. यह कमर, ऊसंधी, फेफड़े, छाती, कंधे तथा रीढ़ की हड्डी में भी लचीलेपन को बढ़ाता है।
  3. पेट के कार्य करने की शक्ति को बढाता है।
  4. स्टैमिना बढ़ाता है।
  5. यह आसन कब्ज की समस्या, बांझपन, पीठ के निचले हिस्से में दर्द तथा मासिक धर्म की समस्याओं से निजात पाने के लिए भी अच्छा होता है।

सावधानी: यदि आपको निम्न समस्याएं है तो आपको यह आसन नही करना चाहिए

  1. सिर में दर्द
  2. उच्च तथा निम्न रक्तचाप
  3. नींद ना आने की समस्या