वर्षा ऋतु में किस तरह रखें अपने पेट का ख्याल

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image credits: Lyfyo

आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में शरीर के दोषों का असंतुलन होने से पेट की अग्नि कम हो जाती है। इससे पाचन क्रिया कमज़ोर हो जाती है। ऊपर से इस मौसम में तेज़ी से फैलने वाली बीमारियां पेट की कई समस्याओं को जन्म देती हैं। पेट में संक्रमण, गैस, फ़ूड पोइज़निंग, अपच, उल्टी-दस्त, मरोड़ या किसी और बीमारी से परेशान हैं तो आपको कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत है।

Stomach infections in rainy season

विशेषज्ञ मानते हैं की पेट की समस्याओं से निपटने के लिए सही जीवनशैली बहुत ज़रूरी है। जानिए, मॉनसून में पेट की समस्याओं से दूर रहने के तरीके-

 

अस्वच्छ तरीके से बने खाने से परहेज़ करें

पानी-पूरी या समोसे कितने ही स्वादिष्ट क्यों न हों, अगर दुकान वाले भईया अस्वच्छ तरीकों का उपयोग करते हैं या दूकान के आस-पास आपको गंदगी दिखती है तो ऐसे खाने से दूर रहना ही समझदारी है। सड़क किनारे मिलने वाले फ़ास्ट फ़ूड से संक्रमण होने की आशंका सबसे ज़्यादा होती है। साथ ही किसी रेस्टोरेंट में भी साफ़-सफाई के मापों की परख करना ज़रूरी है। थोड़ा संयम बरतें या घर पर ही स्वादिष्ट स्नैक्स बनाएं।

 

खाने में चतुराई दिखाएं

अगर बाहर खाना खाना भी पड़ जाए तो इसे मज़बूरी की रूप में मौका न समझें। ऐसी चीज़े आर्डर करें जिससे संक्रमण की आशंका सबसे कम हो। विशेषज्ञ के अनुसार इडली-डोसा जैसे आहार जो गर्मागर्म बनाए जाते हैं तथा सांभर तेज़ गर्म होता है, से संक्रमण कम फैलता है। गर्मी कीटाणुओं को मार देती है और आप सुरक्षित रहते हैं। पर इन्हे तब भी खाएँ जब ये गर्म परोसे जाएं।

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कच्चा खाना न खाएं

यह बात खासकर तब लागु होती है जब आप नॉनवेज खा रहें हों। अण्डों, मछली या अन्य तरह के मांस में घातक कीटाणु हो सकते हैं इसलिए सुनिश्चित करें की यह ताज़े हों तथा सही तरह से पके हों। आज कल फैलने वाली कई गंभीर बीमारियां साल्मोनेला या e. colli जैसे जीवाणुओं से संक्रमित मांस खाने से ही हो रही हैं। अगर आपके शहर में ऐसी कोई महामारी फैली है तो कुछ दिन मांस न खाएं।

 

साफ़ पानी पियें

मॉनसून में पानी के संक्रमित होने की आशंका बहुत ज़्यादा होती है। घर पर फ़िल्टर का पानी पियें। फिर भी निश्चिंत न हो तो पानी को उबालकर ठंडा करें फिर पियें। बाहर निकलते समय एक बोतल साफ़ पानी अपने साथ ज़रूर रखें। फिर भी बाहर पानी खरीदकर पीने की ज़रूरत पड़ जाए तो किसी विश्वसनीय उत्पादक का डिब्बाबंद पानी ही खरीदें।

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खाने के पहले हाथ धोएं

खाने के पहले हाथ धोना सिर्फ बच्चों को ही न सिखाएं, अपनी आदत में भी शामिल करें। बाहर से आने के बाद अच्छी तरह हाथ-मुंह धोएं तथा खाने के पहले लिक्विड सोप से हाथ धोएं। बाहर निकलते समय अपने साथ सैनिटाइज़र ज़रूर रखें। घर में कोई बीमार हो तो हर 3-4 घंटे में हाथ धोएं।

 

थोड़ाथोड़ा खाएं

एक ही बार में बहुत सारा खाने से बेहतर है थोड़ा-थोड़ा खाना दिन में 3-5 बार खाएं। खाने को अच्छी तरह चबाएँ तथा अंत में अदरक की चाय या गर्म पानी पियें। यह पाचन को आसान करेगा। साथ ही बहुत सारा पानी पिने की कोशिश न करें; यह पाचन क्रिया को धीमा करेगा। पुरे दिन सक्रीय रहें और दिन में न सोएं।

 

इसके अतिरिक्त अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है तो बारिश में भीगने तथा तैरने से बचें।