बच्चों में भूख की कमी से कैसे निपटें

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image credits: EENADU India

बच्चा छोटी उम्र से ही जो आदतें अपनाता है, वहीं उसका आगे का जीवन निर्धारित कर देती है। यही वजह है की खाने से जुडी गलत आदतें किसी भी अभिभावक को चिंतित कर सकती है। घर में एक स्वस्थ और सकरात्मक माहौल रखना बच्चे को अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करता है, पर अगर खाने के प्रति उसका रवैया फिर भी सही नहीं है तो आपको कुछ ज़रूरी कदम उठाने चाहिए-

 

कारण 

बीमारियाँ कई बार बच्चे में भूख की कमी का कारण बन जाती है। अगर उसके गले में खराश है, उसे बुखार या अन्य समस्याएँ हैं तो वह बीमार हो सकता है। ऐसा लगने पर उसे तुरंत चिकित्सक के पास लेकर जाएं।

बीमारी के अलावा और भी कई कारण बच्चे की भूख में कमी ला सकते हैं-

 

  • आपका बच्चा भोजन के समय से पहले ही स्नैक्स खा रहा है
  • खाने के पहले बच्चा जूस आदि पी रहा है
  • बच्चे का दिन सामान्य से कम व्यस्त है

 

बच्चा जैसे ही एक साल की उम्र पार करता है, उसके विकास के साथ उसकी मनोदशा, ऊर्जा और खाने की आदतों में भी परिवर्तन आने लगता है। इसलिए अगर वह स्वस्थ दिख रहा है तो अस्थाई रूप से आई भूख की कमी के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

 

बच्चे की भूख बढाएं 

कई ऐसे तरीके हैं जिनसे आप बच्चे को खाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं-

 

भोजन के समय को मज़ेदार बनाएं 

बढ़ते बच्चों के लिए भोजन का समय भी एक सामाजिक क्रिया हो सकती है। इसलिए इस समय को आनंदपूर्ण बनाने की कोशिश करें। बच्चे को विभिन्न तरह के आहार दें तथा उसे चुनने के लिए कहें। कोशिश करें की आप बच्चा क्या खा रहा है इसपर ध्यान दें, न की वह क्या नहीं खा रहा। आप इस समय का आनंद लेंगे तो बच्चा भी यही सीखेगा।

 

ज़िम्मेदारी बाटें 

कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ अभिभावकों को यह उपाय सुझाते हैं। इसके अनुसार आपको ज़िम्मेदारी लेनी होती है की वह क्या खाएगा तथा बच्चे पर ज़िम्मेदारी होती है की वह कितना खाएगा। इस तरह आपका बच्चा शांत और प्रबंधित रहना सीखेगा। अभिभावकों को स्वयं भोजन से पहले किसी तरह के स्नैक्स लेने से परहेज़ करना चाहिए तथा बच्चों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। ये सभी कोशिशें बच्चे को भरपूर पोषक तत्व मिलना सुनिश्चित करेंगी।

 

खाने की मात्रा कम करें 

बच्चों का पेट वयस्कों से छोटा है इसलिए वे एक बार में ज्यादा नहीं खा पाते। इसलिए बच्चे की ऊर्जा की ज़रूरटी पूरी करने के लिए उसे दिन में पांच से छह बारे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन दें।


खाने के लिए जबरदस्ती न करें 

खाने का समय पुरे परिवार के लिए सुखद हो सकता है। इसलिए इस समय बच्चे को उसके मन के विपरीत खाने पर जोर देना सही नहीं होगा। साथ ही उसे जोर देकर खाने की थाली का सबकुछ खत्म करने के लिए कहना भी सही नहीं होगा। कई बार बढ़ते बच्चे खाना न खाने की जिद सिर्फ अपनी स्वतंत्रता स्थापित करने के लिए करते हैं। इसलिए अगर आप जोर नहीं देंगे तो वह स्वयं अपनी ज़रूरतें समझेगा तथा इसी अनुसार खाना भी खाएगा।

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