शरीर में वाटर वेट कैसे कंट्रोल करें

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image credits: MyEnglishTeacher.eu

हमारा शरीर 60 प्रतिशत से ज्यादा पानी से बना होता है। पर अगर यही पानी आपके अंगों में रुकने लग जाए तो आपको वाटर रिटेंशन या इडिमा नामक समस्या हो सकती है। यह पानी आपको पैरों, हाथों और टखनों में सूजन के साथ अतिरिक्त वजन भी दे सकता है।

इस समस्या की कई वजहें हो सकती हैं लेकिन जिन लोगों के दिन का ज्यादातर समय निष्क्रिय अवस्था में गुजरता है उनमें इस रोग की ज्यादा संभावना होती है। अगर आप भी अतिरिक्त वजन और शरीर में सूजन को महसूस कर रहे हैं तो इन आसान उपायों से इस वाटर वेट को कम करें –

 

नमक कम खाएं 

नमक में सोडियम होता है। यह तत्व शरीर में पानी रोकने और कोशिकाओं के अंदर और बाहर तरल के संतुलन को बनाने का काम करता है। अगर आप अक्सर ऐसे व्यंजन खाते हैं जो मसालेदार या प्रोसेस्ड होते हैं तो शरीर में पानी रुक सकता है क्यूंकि यह तत्व भी सोडियम के बड़े स्रोत बन सकते हैं।

शरीर में वाटर वेट और सूजन कम करनी हो तो सबसे पहले सोडियम के सेवन को कम करने की ज़रूरत होती है। यह कदम आपके रक्तचाप और शरीर में उष्णता को भी संतुलन रख सकता है।

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मैग्नीशियम का सेवन बढाएं 

मैग्नीशियम आपके शरीर के लिए एक अहम तत्व है। यह 300 से ज्यादा शारीरिक क्रियाओं में एंजाइम की तरह काम कर शरीर के मूलभूत कार्यों को सम्पन्न करता है। पर मैग्नीशियम के लाभ यही नहीं रुकते; इसके सेवन से शरीर में पानी रुकने की समस्या भी खत्म हो जाती है।

एक शोध के अनुसार रोजाना 200 मिलीग्राम मैग्नीशियम लेने से महिलाओं में माहवारी के पहले शरीर में जमने वाले पानी की मात्रा कम हो जाती है। इससे माहवारी में होने वाले तनाव और चिडचिडाहट से भी मुक्ति है। सूखे मेवे, मोटा अनाज, डार्क चोकलेट और हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत होते हैं। आपको ज़रूरत लगे तो इस खनिज का सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।

 

विटामिन B6 का सेवन बढाएं 

B6 एक नहीं बल्कि कई तरह के विटामिन का समूह है। ये लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण तथा कई अन्य शारीरिक क्रियाओं के लिए ज़रूरी तत्व होते हैं। साथ ही इस तत्व से महिलाओं में माहवारी के समय होने वाले वाटर रिटेंशन को भी कम किया जा सकता है।

केले, आलू, अखरोट और मांस विटामिन B6 से भरपूर होते हैं।

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पोटैशियम युक्त आहार लें 

पोटैशियम आपके दिमाग तक संकेत ले जाकर शरीर को चलाए रखने में मदद करता है। यह ह्रदय की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा है तथा शरीर में सोडियम के असर को कम करता है। यह दो तरह से आपके शरीर में वाटर वेट कम कर सकता है- शरीर में सोडियम के स्तर कम करके तथा पेशाब की मात्रा बढ़ाकर।

केलों, अवोकेडो और टमाटर में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है तथा इन्हें खाकर आप पोटैशियम के लाभ पा सकते हैं।

 

गेंदे आजमाएं 

गेंदे के पेड़ का हर हिस्सा कई तरह के उपचार में काम आता है। ये हिस्से आपके शरीर में पेशाब के निर्माण को बढ़ाकर वाटर वेट को कम कर देते हैं। एक शोध के अनुसार 24 घंटे तक गेंदे के पत्तों का अर्क तीन खुराक में लेने से सामान्य मात्रा में पानी पीने पर भी व्यक्ति के पेशाब की मात्रा बढती है। इस उपाय को आजमाने के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें तथा लोगों के अनुभव तथा विधि भी जानें।

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रिफाइंड कार्ब्स से बचें 

रिफाइंड कार्ब्स लेने से रक्त में शक्कर और इन्सुलिन की मात्रा में तेज़ उतार चढ़ाव आने लगते हैं। ये बदलाव आपके शरीर को ज्यादा सोडियम अवशोषित करने का बढ़ावा देते हैं जिससे शरीर में सूजन आने लगती है। इस तरह आपके शरीर में वाटर वेट तेज़ी से बढने लगता है पर हम इसे कैलोरीज के सेवन की नजर से देखने की कोशिश करते हैं और असली वजह तक नहीं पहुँच पाते।

अगर आप शरीर में सूजन कम करना चाहते हैं तो सबसे रिफाइंड चीज़ों से बने आहार से नाता तोड़ें।

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