iCoffee: मधुमेह के इलाज के लिए बेहतरीन और लाभदायक औषधि

673
icoffee benefits diabetes

आजकल दुनिया का कोई न कोई व्यक्ति आपको किसी-न-किसी बीमारी से ग्रस्त ही मिलेगा। जितनी तादात में बीमारियाँ बढ़ रही है उतनी ही तादात में दवाइयाँ नहीं। आजकल मिलनेवाली आधुनिक दवाइयाँ महँगी तो होती ही है लेकिन साथ-साथ असरदार भी नहीं होती। ऐसी आधुनिक दवाइयाँ केवल बिमारी को नियंत्रित करती है लेकिन उन्हें जड़ से ख़त्म नहीं कर पाती। इन आधुनिक दवाइयों की तुलना में आयुर्वेदिक दवाइयाँ काफी असरदार सिद्ध हो रही है। आज हम आपके लिए ऐसी ही एक जानलेवा बीमारी और उसे ठीक करने की आयुर्वेदिक दवाई के बारे में बताएँगे।

 

आज-कल डायबिटीस (मधुमेह) की बीमारी बहुत ही आम हो गई है। क्या बच्चें, क्या जवान और क्या बूढ़े, सभी इस बीमारी से ग्रस्त होते जा रहे है। एक जानकारी के मुताबिक दुनियाभर में करीब 250 मिलियन लोगों को डायबिटीस है और 2025 तक यह आकड़ा 350 मिलियन तक पहुँचने के आसार है। आगे बढ़ने से पहले हम इस बीमारी के बारे में आपको थोड़ा अवगत कराएँगे ताकि आप यह जान सके कि कई आप भी तो इसके शिकार तो नहीं बन रहे।

 

डायबिटीस के लक्षण:

– बार-बार पेशाब का आना।

– अचानक वजन का कम हो जाना।

– चोट का ठीक ना होना।

– हमेशा और बार-बार भूख का लगाना।

– यौन से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न होना।

– आँखों से कुछ भी साफ़ नजर ना आना।

– यौनियो में संक्रमण की समस्या।

– हमेशा और बार-बार प्यास लगना।

– हाथों और पैरो में सूजन होना।

 

डायबिटीस के कारण लोग कई अन्य बीमारियों के भी शिकार हो जाते है जैसे कि किडनी का ख़राब होना, हृदय से जुड़ी समस्याएँ, अंधापन, गर्भधारण में परेशानी, प्रसव से जुड़ी समस्याएँ, रक्त का दबाव बढ़ना इत्यादि इत्यादि।

अब अगर वैज्ञानिक भाषा में कहे तो यदि किसी के रक्त में भूखे पेट शक्कर की मात्रा 126 और भरपेट यह मात्रा 200mg/dlहै तो वह व्यक्ति डायबिटीस की समस्या से जूझ रहा है। यदि किसी व्यक्ति का भूखे पेट रक्त में शक्कर की मात्रा 100-125 के बीच और भरपेट यह मात्रा 140-199 के बीच है तो वह व्यक्ति मधुमेह से ग्रसित होने के कगार पर है।

 

मुख्यतः डायबिटीस (Diabetes) के 3 प्रकार है:-

1. टाइप 1:- जो पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन ना उत्पन्न होने के कारण होता है।

2. टाइप 2:- जिसमें पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन तो उत्पन्न होता है लेकिन हमारे शरीर की कोशिकाएँ उसे महसूस नहीं कर पाती या उसका उपयोग नहीं कर पाती।

3. गेस्टेशनल डायबिटीस:- जो मुख्यतः गर्भवती महिलाओं को होता है।

 

अब डायबिटीस को ख़त्म करने की औषधि हमारे भारत देश में भी उपलब्ध है जिसका नाम है – ‘आइ-कॉफ़ी’ (i-Coffee)
आइ-कॉफ़ी मुख्यतः एक प्रकार की हर्बल कॉफ़ी है जो कॉफी के घटको के साथ-साथ हर्बल के रसों को भी समाविष्ट करती है। इसमें ऐसे पौष्टिक तत्व समाविष्ट है जो एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करते है। यह औषधि हमारे मस्तिष्क को ताजगी प्रदान करती है। साथ ही यह रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रण में भी रखती है।

 

(i-Coffee Compositon) आइ-कॉफ़ी में समाविष्ट घटक:-

1. सैलिसिया रेटिकुलाटा (Salacia Reticulata):- जो डायबिटीस को रोकने का काम करती है। साथ ही यह ग्लूकोस के अवशोषण को भी रोकती है और बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी शरीर में कम करती है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह भी काम करती है।

2. वाइट किडनी बीन (white Kidney Bean /Mudga):- यह हृदय के लिए बहुत ही फायदेमंद है क्योकि यह मिनरल्स, विटामिन्स, फाइबर्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।

3. इंडियन कीनो (आसना) (Indian Kino /Asana):- यह रक्त में शुगर की मात्रा को कम करता है और बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करता है। सबसे महत्वपूर्ण यह कि यह वायरस और बैक्टीरिया के विरुद्ध लड़ता भी है।

4. फेनुग्रीक (Fenugreek):- यह भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य यह है कि यह शरीर में इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता भी है। यह तत्व पाचन क्रिया के लिए बेहतर भी है।

 

 

सैलिसिया से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:-

– इसे सप्तरंगा या एकनायका के नाम से भी जाना जाता है जो रक्त में ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हर्ब माना जाता है।

– कई शताब्दियों से आयुर्वेद की दवाइयों में इसका उपयोग किया जाता है- खासकर मधुमेह की बीमारी के लिए। इसका उल्लेख भारत और श्रीलंका के इतिहास में भी मिलता है।

– जो मधुमेह से ग्रस्त होने के कगार पर है उनके लिए यह सबसे बेहतरीन हर्ब है।

– टाइप 1 और 2 के मधुमेह के इलाज के लिए भी यह सबसे बेहतरीन हर्ब है।

– यह मधुमेह से जुड़े अन्य जटिलताओं और बीमारियों को रोकने में भी असरदार है।

– यह रक्त में ग्लूकोस के अवशोषण को इसलिए कम कर पाती है क्योकि इसमें अल्फा ग्लूकोसाइडेस और पैंक्रियाटिक लाइपेस जैसे एन्ज़ाइम्स, जो मधुमेह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, को रोकने के गुण पाए जाते है।

– यदि टाइप 2 मधुमेह में शरीर द्वारा इंसुलिन के प्रतिरोध को रोकने में सुधार करता है और ग्लूकोस के चयापचय में भी मदद करता है और साथ ही स्वास्थ्यवर्धक वजन के प्रबंधन में भी यह सहायता करता है।

 

सैलसीटल से जुड़े यह तथ्य नैदानिक परीक्षण में साबित भी हुए है जो क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया के तहत पंचीकृत भी है। एक तरह से यह कार्बोहायड्रेट ब्लॉकर की तरह काम करता है अर्थात शरीर में ऊर्जा की आवयश्कता को समझकर यह अत्यधिक कार्बोहायड्रेट को ग्लूकोस में परिवर्तित होने से रोकता है जिससे रक्त में शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है।

 

इसके साथ ही यह एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, ख़राब हो चुकी कोशिकाओं को ठीक करने, हमारी सजगता में सुधार करने तथा दिनभर ऊर्जा की मात्रा को बनाए रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हर्ब आइ-कॉफ़ी में कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र के सबसे बेहतरीन गुणवत्ता वाले कॉफ़ी बीन के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है। इससे कॉफ़ी का वही पुराना स्वाद भी बना रहता है और मधुमेह भी नियंत्रित रहता है।

 

 

आइ-कॉफ़ी को लेने की मात्रा और विधि:-

1 पैकेट (15 ग्राम) आइ-कॉफ़ी 80-100 मिलीलीटर गरम पानी में मिलाकर दिन में दो बार लें।

 

आइ-कॉफ़ी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तत्व:-

– यह हर प्रकार के मधुमेह के लिए उपयुक्त है।

– इसमें शक्कर नहीं है।

– इसे अन्य दवाइयों के साथ भी लिया जा सकता है।

– यदि आप मधुमेह के इलाज के लिए इंसुलिन लेते है तो उसके साथ भी इसका उपयोग कर सकते है।

– यह शुगर की मात्रा को कम नहीं करता बल्कि उसके अवशोषण को कम करता है।

– कोई सामान्य व्यक्ति जो मधुमेह से ग्रस्त नहीं है, वह भी इस औषधि का प्रयोग कर सकता है।

 

iCoffee औषधि ‘Indus Viva’ नामक कंपनी द्वारा बनाई गई है जिसकी स्थापना 2007 में एक भारतीय मूल के व्यवसायी द्वारा की गई थी। यह स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित कंपनी है। यह कंपनी जापान की सबसे प्रमुख पौष्टिक-औषिधिकीय कंपनी है जो अनुसंधान और विकास के मामले में भी दुनिया में सबसे ऊँचे स्तर पर है। यह भारत में हर साल 500 मैट्रिक टन से भी अधिक दवाइयों का उत्पादन करती है।

 

Buy from a National Level Distributor only:अगर आप इस iCoffee प्रोडक्ट के बारे में और जानकारी लेना चाहते हैं तो Call/WhatsApp करें 9582003439 पर।