जानिए भारतीय सुपर फ़ूड्स को

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image credits: Shabby Chic Boho

जिन्हें हम आज सुपर फ़ूड के नाम से जानते हैं, उनमें से ज्यादातर आहार भारतीय पाकशैली और आयुर्वेद के उपचार का हिस्सा रहे हैं। पश्चिमी देशों के तटों से टकराकर हल्दी दूध गोल्डन मिल्क बन चुका है। पर नाम चाहे जो भी हो, सच यही है की सुपर फ़ूड के मामले में भारत का कोई मुकाबला नहीं।

आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ भारतीय सुपर फ़ूड के बारे में, जिन्हें आपको शीघ्र अपने भोजन में शामिल करना चाहिए-

 

नारियल का तेल 

रूखे बाल, शुष्क त्वचा, तंग जेब, ख़राब चेन; सभी समस्याओं का एक ही हल है नारियल का तेल। इसे आप बालों में लगाकर रेशमी केश पा सकते हैं, खाने में उपयोग कर बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं तथा शरीर पर लगाकर नम त्वचा और मजबूत जोड़ पा सकते हैं।

 

मोरिंगा का पाउडर 

मोरिंगा या सहजन एक और बेहतरीन आहार है जिसे आपको जल्द ही लेना शुरू कर देना चाहिए। रोजाना सुबह के काढ़े में एक चम्मच मोरिंगा पाउडर मिलाना आपको कई गम्भीर बिमारियों से बचा सकता है। भारत में मोरिंगा की फल्ली से बनी सब्जी प्रचलित है लेकिन इसकी पत्तियां भी कम लाभकारी नहीं। इन्हें पीसकर रखें और विभिन्न तरह से इनका सेवन शुरू कर मधुमेह, मोटापा, कैंसर आदि रोगों से सुरक्षा पाएं।

 

कमल के बीज 

कमल के बीज या मखाने शाही सूखे मेवों में शामिल हैं तथा भारत में मौसमी व्यंजनों में शामिल किये जाते हैं। ये वसा और नमक से लगभग मुक्त रहते हैं लेकिन प्रोटीन, मैग्नीशियम, फाइबर, पोटैशियम, जिंक और आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं।

 

आंवला 

भारत में आंवला चटनी, अचार और मुरब्बा के रूप में खूब खाया जाता है। हाल ही में इसके अनेक स्वास्थ्य लाभों की वजह से आंवला के रस का सेवन भी बहुत प्रचलित हुआ है। यह एक मौसमी फल है जिसके उपयोग को बहुत खूबसूरती से भारतीय त्योहारों में भी शामिल किया गया है। अगर आप अब तक आंवला का सेवन नहीं कर रहे हैं तो अब ज़रूर शुरू करें और स्वस्थ पेट से लेकर दमकती त्वचा तक लाभ पाएं।

 

रागी 

रागी एक ग्लूटेन मुक्त अनाज है इसलिए इसे कोई भी खा सकता है। अफ्रीका में जन्म यह अनाज सदियों से भारतीय पाकशैली का हिस्सा रहा है। फाइबर, कैल्शियम, एमिनो अम्ल और विटामिन डी से भरपूर यह अनाज आपको मोटापे, मधुमेह व् अन्य कई रोगों से बचा सकता है।

 

घी 

भारत में घी का विशेष महत्व रहा है। पूजा से लेकर आहार तक घी को शुद्धता और सेहत का सानी समझा जाता है। घी तैयार करने की प्रक्रिया में इससे लेक्टोस निकल लिया जाता है। इस तरह आपको पोषण से भरपूर लेकिन दूध के प्रोटीन से रहित घी मिलता है जो मनभावन स्वाद, सुगंध और सेहत देता है।

 

हल्दी 

भारत में हल्दी का महत्व शब्दों में नहीं कहा जा सकता। रोजाना के भोजन में तो हम हल्दी का उपयोग करते ही हैं साथ ही बीमारी, चोट और सज्जा में भी हल्दी को विभिन्न रूपों में उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में यह एक मुख्य दवा है और अब आधुनिक विज्ञान भी इसके लाभों की लम्बी सूचि बना रहा है। अपने व्यंजनों में आप भी हल्दी की मात्रा संतुलित कर अद्भुत लाभ पा सकते हैं।