जानिए कितना होना चाहिए आपके बल्ड शुगर का स्तर

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पाचन संस्थान में पाये जाने वाले अनेक प्रकार के एंजाइम्स् की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप कार्बोहाइड्रेट्स का पाचन होता है। (blood sugar range, correct blood sugar levels for diabetes) ग्लूकोज़ में परिवर्तित होने के बाद कार्बोहाइड्रेट्स का कुछ अंश रक्त द्वारा शोषित(absorb) हो कर रक्त संचारा (blood circulation) में जा पहुंचता है।

 

कुछ मात्रा में ग्लूकोज़, ग्लायकोजन के रूप में परिवर्तित होकर यकृत (Liver) एवं मांसपेशियों में संचित हो जाता है। आवश्यकता पड़ने पर ग्लायकोजन पुनः ग्लूकोजन में बदल कर ऊर्जा देने का काम करता है। इन दोनों प्रतिक्रियाओं के बाद का, कार्बोहाइड्रेट्स का जो शेष भाग रहता है वह वसा(Fat) के रूप में बदल जाता है।

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आमतौर पर भूखे रहने (कम से कम 8 घण्टे) की स्थिति में, रक्त में ग्लूकोज़ की सामान्य मात्रा (Normal Fasting Blood Level) 70 से 100 मि. ग्रा. प्रति 100 मि. लि. रक्त में रहती है।

यह स्तर भोजन ग्रहण करने के आधा घण्टे बाद बढ़ जाता है। खाना खाने के दो घण्टे के बाद इसका सामान्य स्तर 110 से 140 मि. ग्रा.  प्रति 100 मि. लि. रक्त में रहता है।

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यदि खाली पेट रहने पर बल्ड शुगर का स्तर 100 मि. ग्रा. प्रति 100 मि. लि. से अधिक, खाना खाने के दो घण्टे बाद लिया गया बल्ड शुगर का स्तर 140 मि, ग्रा. से अधिक या फिर 24 घण्टे में कभी भी लिया गया रक्त (Random blood Sample) में इसका स्तर 200 मि. ग्रा. प्रति 100 मि. लि. से अधिक, लगातार की जाने वाली जांचों में आता रहे, तो ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति मधुमेह रोग की चपेट में है।

भूखे पेट के वक्त की गई जांच में यदि सामान्य स्तर की अपेक्षा 180 मि. ग्रा. प्रति 100 मि. लि. रक्त या इससे अधिक मात्रा में ग्लूकोज़ पाया जाए तो व्यक्ति के पेशाब में ग्लूकोज़ मिलने लगता है।

यदि भूखे पेट की स्थिति में बल्ड शुगर का स्तर 400 मि. ग्रा. प्रति 100 मि. लि. रक्त या इससे अधिक पाया जाए तो यह मधुमेह रोग की गम्भीर स्थित का सूचक होता है।

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