कैसे होता है ब्लड कैंसर, क्या हैं इसके लक्षण

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कैंसर के कई रूप आपके रक्त की कोशिकाओं पर आक्रमण कर सकते हैं। इन रोगों के लक्षण आम तौर पर धीमी गति से सामने आते हैं इसलिए ज्यादातर मामलों में इनकी पहचान नहीं हो पाती। कई बार रोगियों को किसी भी तरह के लक्षण नहीं नजर आते।

अगर आप ब्लड कैंसर से बचना चाहते हैं, तो इन लक्षणों को कभी नज़रंदाज़ न करें-

 

लुकेमिया 

रक्त कोशिकाएं आपकी हड्डियों के मज्जे में बनती हैं तथा यही से लुकेमिया की शुरुआत भी होती है। इस रोग में आपका शरीर ऐसी सफ़ेद रक्त कोशिकाएं बनाने लगता है जो बड़ी संख्या में होती हैं तथा सामान्य से लम्बा जीती हैं। सामान्य कोशिकाओं की तरह ये आपको रोगों से बचने में भी मदद नहीं करती।

लुकेमिया के कई रूप होते हैं। कई गम्भीर रूपों में आप अचानक बीमार महसूस करने लगते हैं। वहीँ अन्य रूपों में लक्षण नजर आने में सालों गुजर आते हैं तथा इसके होने की पुष्टि रक्त जांच में ही हो पाती है।

लुकेमिया के मुख्य लक्षण सिर्फ यही होते हैं की आपके शरीर में रक्त की कोशिकाएं सामान्य रूप से काम नहीं कर रही हैं।

 

एनीमिया 

इस रोग में आपका शरीर पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना रहा होता है या ये कोशिकाएं सामान्य रूप से काम नहीं कर रही होती हैं। इसके मुख्य लक्षण हैं-

 

  • थकान होना तथा कमजोरी महसूस होना
  • साँस उथली होना
  • चक्कर आना
  • त्वचा पीली पड़ना
  • छाती में दर्द होना

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खून का थक्का न जमना 

रक्त में प्लेटलेट्स आपके रक्त का थक्का जमाकर चोटों को ठीक करते हैं। जब शरीर में इनकी कमी हो जाती है तो घावों से संन्य से ज्यादा खून निकल रहा होता है तथा आपको अक्सर नाक से रक्त बहने की समस्या रहने लगती है।

आपको ये लक्षण भी नजर आ सकते हैं-

  • असामान्य चोटें
  • मसूड़े से खून आना
  • त्वचा पर छोटे-छोटे लाल धब्बे पड़ना
  • माहवारी में अत्यधिक स्त्राव होना
  • मल में कालापन या लालपन आना

 

लिंफोमा 

आपके लसिका तन्त्र में संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं बहती हैं जिनकी मदद से शरीर से गंदगी बाहर होती है। लिंफोमा में ये कोशिकाएं तेज़ी से बढने लगती हैं तथा संक्रमण से लड़ नहीं पाती। लसिका में सूजन इस रोग का मुख्य लक्षण है। ऐसे में आप गले, कांख या गुप्तांग में गाँठ महसूस करेंगे। शरीर के अंदर ऐसी गांठें आपके अंगों पर भी दबाव बना सकती है जिससे आप कफ़, उथली साँसें, छाती में दर्द, पेट में दर्द या हड्डियों में दर्द अनुभव कर सकते हैं। आपकी आंतें फूल सकती है जिससे आप पेट भरा हुआ महसूस करेंगे। शराब पीने पर इन गांठों पर दर्द भी हो सकता है।

इनके अलावा आप बुखार, रात में पसीना, थकान, वजन घटना एवं खुजलीदार त्वचा भी अनुभव कर सकते हैं।

 

अन्य लक्षण 

क्यूंकि आपके शरीर में सफ़ेद रक्त कोशिकाएं सही से काम नहीं कर रही हैं, इसलिए आप अक्सर बीमार रह सकते हैं। आपको अक्सर बुखार व् रात में पसीना आने की शिकायत रह सकती है। आपका वजन कम हो सकता है तथा हड्डियों में दर्द की शिकायत आ सकती है।

 

ऊपर दिए गये किसी भी रोग के लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सक से चर्चा करें तथा जाँच करवाएं। साथ ही नियमित चेकअप और स्व-जांच को प्राथमिकता दें।