मॉनसून में बढ़ते फ्लू से बचने के लिए रखें अपनी डॉयट का ख्याल

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image credits: www.idiva.com

मॉनसून आते ही दिल खुशनुमा रहने लगता है। ऐसा इसलिए भी कि झुलसाने वाली गर्मी के बाद अब मौसम से थोड़ी सी राहत मिली है। लेकिन इस मौसम में खान-पान का विशेष ख्याल न रखा जाए, तो हम वॉयरल, फ्लू इत्यादि की चपेट में बड़ी आसानी से आ सकते हैं।

स्ट्रीट फूड और बाहर मिलनेवाले कोई भी स्नैक्स, इस समय जितना हो सके, न खाएं। इस मौसम में मच्छर-मक्खी व अन्य जंतुओं के अधिक पनपने का ख़तरा रहता है, जो खाने को दूषित कर सकते है। इसके अलावा इनमें बैक्टीरिया वगैरह भी हो सकता है, जिससे संक्रमण का डर रहता है।

पानी पीना है हर रोग का इलाज

1. हाइड्रेटेड रहें। बारिश है, ठंडक बढ़ गई है और गर्मी कम हो गई है, तो यह न सोचें कि आपको अब ज़्यादा पानी पीने की ज़रूरत नहीं। मानसून में वातावरण में नमी बढती है और पसीना जल्दी से सूखता नहीं, जिस वजह से शरीर की गर्मी निकल नहीं पाती।

2. बेहतर होगा कि पानी जितना ज़्यादा हो सके पीएं।

3. आप अदरक की चाय, ग्रीन टी या हर्बल टी भी पी सकते हैं।

4. पानी हमेशा उबालकर ठंडा करके ही पीएं। इस मौसम में पानी जनित बीमारियों की संभावना सबसे अधिक होती है। इसीलिए पानी को प्यूरिफाई करके ही पीएं।

इस मौसम में खानें की हाईजीन का रखें ख्याल

1. पानी के साथ-साथ भोजन से भी बैक्टीरियल इंफेक्शन्स की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए खानपान का भी विशेष ध्यान रखें।

2. साफ़ और पूरी तरह से पका हुआ भोजन लें।

3. मॉनसून में पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए ओवरईटिंग से बचें। संतुलित व हल्का भोजन लें।

4. सही तरीक़े से खानपान का ख़्याल न रखने पर पेट में संक्रमण, दस्त, हैजा और पीलिया तक हो सकता है।

कैसी हो डॉयट?

1. कड़वी चीज़े, जैसे-करेला और कड़वे हर्ब्स, जैसे-नीम और हल्दी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं और इनमें औषधीय गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाने का कार्य करते हैं।

2. चेरी, केला, अनार, आलू बुखारा, लीची, नाशपाती जैसे फलों को और गाजर, मूली मेथी जैसी सब्ज़ियों को अपने डेली डायट का हिस्सा बनाएं।

3. जौ, ब्राउन राइस और औट्स इस मौसम में आपके लिए सबसे अच्छे रहेंगे। ये हल्के और पचने में आसान होते हैं।

4. भोजन में चाहें सब्ज़ी हो, सूप या करी, इनमें लहसुन भी ज़रूर शामिल करें, क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

5. मसाले, जैसे-कालीमिर्च, हींग, हल्दी और धनिया रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, साथ ही पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाते हैं।

किन चीजों से करें परहेज़ ?

1. डेयरी प्रोडक्ट्स इस मौसम में जितना कम खाएंगे, उतना बेहतर होगा, क्योंकि उनके ज़रिए इंफेक्शन्स की संभावना अधिक होती है।

2. हालांकि दूध को कंप्लीट डायट कहा जाता है, लेकिन इस मौसम में दूध से परहेज़ करें। आप चाहें, तो दही ले सकते हैं।

3. फिश या प्रॉन्स खाने से बचे, क्योंकि यह उनका ब्रीडिंग सीज़न होता है, जिससे आपको पेट में संक्रमण का ख़तरा हो सकता है।

4. जिन लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या है, उन्हें स्पाइसी फूड से बचना चाहिए, क्योंकि स्पाइसी फूड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।

कुछ ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें

1. सारे फल व सब्ज़ियों को अच्छी तरह से धोने के बाद ही इस्तेमाल करें। हरी पत्तेदार सब्ज़ियां व फूलगोभी आदि को उबालने के बाद ही इस्तेमाल करें।

2. बासी भोजन से बचें। ताज़ा सूप भी काफ़ी हेल्दी होता है। भूख बढ़ाकर पाचन क्रिया को संतुलित करता है।

3. कच्चे सलाद की बज़ाय, पका हुआ खाना खाएं।

मसाले जिनके नियमित उपयोग से रोग रहेंगें दूर

1. जीरा, अजवायन और सोंठ को समान मात्रा में मिलाकर भूनकर पाउडर कर लें और एक ड्राय कंटेनर में स्टोर करके रख लें। इसे फ्रिज में न रखें। अगर यह नमी से दूर रहता है, तो 2 महीने तक चल सकता है। इसके सेवन से पेट की तकलीफ़ें दूर रहती है। टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है।

2. थोड़ी-सी अजवायन को पानी में डालकर उबाल लें। इस पानी को गुनगुना पीएं। पेट दर्द, गैस, बदहज़मी में ये बहुत लाभदायक है।

3. अदरक को काटकर नींबू का रस डाल लें। भोजन के साथ इसका सेवन पाचन शकित्त को बढ़ाता है।

4. शहद में कालीमिर्च पाउडर मिलाकर लेने से सर्दी-खांसी में तुरंत आराम मिलता है।

5. धनिया और सौंफ के सेवन से भी पाचन तंत्र मज़बूत होता है और गैस, एसिडिटी से आराम मिलता है। ये कफ़ में भी फ़ायदेमंद है।

6. सर्दी, खांसी और ज़ुकाम के लिए गाजर के जूस में काला नमक मिलाकर पीएं। इससे बहुत ही फ़ायदा पहुंचेगा।