सरसों के तेल के लाभ

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image credits: Organic Facts

भारत की रसोई में सरसों के तेल की जगह कोई और तेल नहीं ले सकता। (mustard oil benefits for hair in hindi, for skin, सरसों के तेल के फायदे) भले ही कई परिवार अब कम गरिष्ठ विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं पर कई स्थानीय व्यंजनों में आज भी सरसों के तेल को ही पसंद किया जाता है। इसके अलावा सरसों के तेल के कई ऐसे औषधीय गुण हैं जिनकी वजह से इसका उपयोग रसोई के बाहर भी किया जाता है।

 

आइये, जानते हैं सरसों के तेल को अपनाने से आप कौन-कौन से लाभ ले सकते हैं-

 

MUFA का स्रोत

सरसों के तेल को अन्य तेलों की अपेक्षा इसलिए भी सुझाया जाता है क्यूंकि ये मोनोसचुरेटड फैटी अम्लों से भरपुर है। हमारे शरीर को तेल में MUFA और PUFA की मात्रा एक और तीन के अनुपात में चाहिए होती है। सरसों का तेल MUFA की आपकी ज़रूरत पूरी कर आपको सेहतमंद दिल, गोरी त्वचा, खुबसुरत बाल और लम्बी आयु दे सकता है।

 

दिल को सेहतमंद रखे-

कई शोधों में ये देखा गया है की भोजन में नियमित रूप से सरसों के तेल का सेवन करना हमारे दिल की सेहत के लिए बहुत ही अच्छा हो सकता है। MUFA से भरपूर होने की वजह से ये तेल शरीर में कोलेस्ट्रोल कम करता है जिससे रक्तसंचार आसान हो जाता है। इसके अलावा सरसों में मौजूद अन्य अम्ल बाकी तेलों की तुलना में दिल के रोगों की संभावना कई गुना कम कर देते हैं।

 

फटी एड़ी और कमज़ोर नाखूनों के लिए फायदेमंद-

बारिश और ठंड में फटी एडियों की समस्या बहुत बढ़ जाती है। ऐसा होने पर आप मोम में सरसों मिलाकर एडी पर सोते समय लगा लें तथा मौजे पहकर सो जाएं। अगले दिन से ही आप फर्क महसूस करेंगे। इसी तरह नाखूनों पर सरसों का तेल लगाने से इनकी जड़ें मजबूत हो जाती हैं और ये स्वस्थ हो जाते हैं।

 

संक्रमण से बचाए-

सरसों के तेल में कीटाणु और फफूंद विरोधी शक्तियाँ होती है। इसे लगाने से और इसका सेवन करने से भी शरीर के तमाम संक्रमण दूर होने लगते हैं।

 

रक्त संचार बेहतर करे-

सरसों के तेल की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर हो जाता है जिससे आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है तथा त्वचा में भी निखार आता है। साथ ही इस मालिश से पसीने की ग्रंथियां सक्रीय हो जाती हैं और आपके शरीर से विषेले तत्व बाहर निकलने लगते हैं। इस तरह बाहर से की गयी मालिश अंदर की भी सफाई कर देती है।

 

त्वचा के लिए लाभदायक-

सरसों विटामिन E से भरपूर होती है जो आपकी त्वचा के लिए ज़रूरी पोषक तत्व है। इसलिए जब इस तेल को त्वचा पर लगाया जाता है तो ये त्वचा को पोषित कर झुर्रियां घटाता है और किसी सनस्क्रीन की तरह भी काम करता है। पर ध्यान रखें की इस तेल का बहुत ज्यादा प्रयोग करने से आपको खुजली आदि समस्याएं भी हो सकती है।

 

सर्दी-खांसी से आराम-

कहा जाता है की सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है। इसी वजह से इसे सदियों से ठंड के रोगों के उपचार की तरह उपयोग किया जाता है। अगर आपको भी सर्दी-खांसी परेशान कर रही है तो थोड़ा तेल रात में अपनी छाती पर लगाएं और अच्छी तरह ओढ़ कर सो जाएं। इसके अलावा सरसों में लहसुन डालकर गर्म करने और इस मिश्रण को पैरों में मलने या कान में डालने से भी सर्दी और कान के दर्द से राहत मिलती है।

 

बालों को घना बनाए-

सरसों के तेल को बाल में लगाने के बारे में सोचकर ही आजकल लोग घबरा जाते हैं। अगर आप भी सरसों के तेल की जगह आधुनिक प्रक्रिया से तैयार केमिकल युक्त तेलों की वकालत करते हैं तो ये जान लें- सरसों का तेल बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है। इस घटक को आजकल महंगे तेल, शैम्पू और हेयर ट्रीटमेंट में शामिल किया जाता है क्यूंकि ये बालों के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। ये आपके सिर की ओर रक्त संचार बढ़ाएगा तथा सिर के त्वचा के सभी संक्रमण खत्म करेगा। महंगे हेयर ट्रीटमेंट का फायदा सरसों बिना किसी दुष्प्रभाव के ही दे सकती है।