क्यों जरूरत पड़ती है पेसमेकर डालने की

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pacemaker
image credits: Atlantic Cardiology

ह्रदय हमारे शरीर के सबसे ज़रूरी अंगों में से एक है। यह नियमित रूप से धड़ककर पुरे शरीर में रक्त पहुंचाता है जिससे शरीर के बाकी सभी हिस्से उर्जा पाते हैं। (Pacemaker risks, types, need symptoms, definition, cost, zaroorat, jankaari) अगर ह्रदय की यही धडकन अनियमित हो जाए तो परिणाम घातक भी हो सकते हैं। इस बीमारी को arrhythmias या अतालता कहते हैं।

 

अतालता के उपचार के कई विकल्प उपलब्ध हैं पर अगर यह बहुत गंभीर हो जाए तो ह्रदय को नियमित रूप से धडकने के लिए किसी और उपकरण की ज़रूरत पडती है। ऐसा ही एक उपकरण है पेसमेकर।

 

पेसमेकर क्या है?

यह एक चिकित्सकीय उपकरण है जो बिजली से चलता है। ऑपरेशन के द्वारा इसे आपके शरीर में डाला जाता है जिससे अनियमित धडकनों को नियमित किया जा सके।

आधुनिक पेसमेकर के दो मुख्य भाग होते हैं- पहला जो स्पंदन पैदा करता है; इस हिस्से में सभी इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी होती है तथा दूसरा जो दिल को स्पंदन की सुचना पहुँचाता है; इस हिस्से में मुख्यतः तार होते हैं।

अगर रोगी को बहुत गंभीर हार्ट फेलियर होता है तो उसे बाईवेंट नामक एक खास तरह के पेसमेकर की ज़रूरत होती है।

 

पेसमेकर की ज़रूरत क्यों होती है ?

अगर आपका दिल बहुत तेज़ या बहुत धीरे धडकता है तो आपको पेसमेकर की ज़रूरत पड़ सकती है। दोनों ही मामलों में आपके शरीर में पर्याप्त खून नहीं दौड़ रहा होता जिससे निम्न समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं-

  • आलस
  • चक्कर आना
  • साँसे धीमी होना
  • महत्वपूर्ण अंगों को क्षति होना
  • मौत

 

सभी पेसमेकर स्थाई नहीं होते। कुछ ख़ास बीमारियों में इसे अस्थाई रूप से लगाने से लक्षणों पर नियन्त्रण पाया जा सकता है। हार्ट अटैक होने या ह्रदय की सर्जरी होने पर भी आपको अस्थाई पेसमेकर की ज़रूरत पड़ सकती है। आपके चिकित्सक जांचों के द्वारा तय करेंगे की आपको पेसमेकर की ज़रूरत है या नहीं।

 

पेसमेकर लगवाने से पहले कौनसी तैयारियां ज़रूरी है?

पेसमेकर लेने से पहले आपको कुछ जांच करवाने की ज़रूरत पड़ेगी। इनके द्वारा यह पता लगाया जाएगा की पेसमेकर आपके लिए सही विकल्प है या नहीं।

  • इकोकार्डियोग्राम में ध्वनि तरंगों के ज़रिये आपके दिल की मांसपेशियों का आकार और मोटाई पता लगाई जाती है।
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम में सेंसर के द्वारा आपके दिल की विद्युत तरंगों को नापा जा सकता है।
  • होल्टर मोनिटरिंग में आपको एक उपकरण दिया जाता है जिससे आपके दिल की धडकन 24 घंटों के लिए नापी जाती है।
  • एक स्ट्रेस टेस्ट के द्वारा व्यायाम के दौरान आपके दिल की ताल को नापा जाता है।

 

इन जांचों के बाद अगर आप पेसमेकर के लिए उपयुक्त पाए गये तो आपको सर्जरी की पूरी प्रक्रिया बताई जाएगी। फिर चिकित्सक कुछ ज़रूरी निर्देशों के साथ निम्न बातें बता सकते हैं-

  • सर्जरी के पहले आधी रात के बात कुछ भी खाएं या पियें नहीं।
  • कुछ खास दवाओं को बंद करने के अपने चिकित्सक के निर्देश का पालन करें।
  • अगर आपको कुछ दवाएं दी जा रही हैं तो उन्हें भी सही पर लेते रहें।
  • ऑपरेशन से पहले अच्छी तरह से खुद को साफ़ करें। आपके चिकित्सक आपको कुछ खास साबुन भी दे सकते हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम हो जाए।

 

पेसमेकर की सर्जरी से कैसी जटिलताएं जुडी हैं?

हर ऑपरेशन के साथ कुछ न कुछ खतरे जुड़े रहते हैं। पेसमेकर से जुड़े खतरे भी इसके स्थापन से ही जुड़े हैं। इनमें मुख्य है-

  • एनेस्थीसिया से एलर्जी
  • खून बहना
  • नील पड़ना
  • रक्त वाहिकाओं को क्षति होना
  • संक्रमण
  • फेफड़ों का छोटा होना-यह बहुत दुर्लभ जटिलता है
  • दिल में छेद होना- यह भी दुर्लभ है

 

ज्यादातर जटिलताएं अस्थाई होती हैं तथा कुछ ही समय ठीक हो सकती हैं।

 

पेसमेकर सर्जरी के बाद?

आप उसी दिन या अगले दिल हॉस्पिटल से घर जा सकते हैं। इससे पहले की आप घर जाएं, डॉक्टर पेसमेकर को आपकी ज़रूरत के अनुसार प्रोग्राम करना सुनिश्चित करेंगे। रेप्रोग्राम करने के लिए आपको कुछ और बार चिकित्सक से मिलना पड़ सकता है।

अगले महीने तक आपको कोई भी भारी काम या व्यायाम नहीं करना है। इस दौरान आपको कुछ दवाएं लेने को भी कहा जाएगा जिससे आपकी असहजता दूर हो सके।

हर कुछ महीनों में आपके पेसमेकर को एक तार से जोड़े जाने की ज़रूरत पड़ेगी ताकि आपके चिकित्सक को ज़रूरी जानकारियों का पता लग सके। यह तार आपकी फ़ोन लाइन भी सकती है इसलिए आपको चिकित्सक के पास जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

आधुनिक पेसमेकर बाहरी विद्युत तरंगों से आसानी से प्रभावित नहीं होते लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां रखनी ज़रूरी है-

  • अपने फ़ोन आदि को पेसमेकर के पास की जेब में बिल्कुल न रखें।
  • माइक्रोवेव, रेडियो आदि उपकरणों के बहुत पास न खड़े रहें।
  • मेटल डिटेक्टर के पास लम्बे समय तक न रहें।
  • हाई वोल्टेज ट्रांसफार्मर से भी दुरी रखें।