पोषण की कमी से होने वाले रोग, न्यूट्रिशनल डिसऑर्डर

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Nutrition-Disorders
image credits: Youth Rainbow

इंसान को कई तरह के विटामिन और मिनरल की ज़रूरत होती है जिनकी सहायता से शरीर का विकास होता है तथा कई बीमारियों से रक्षा होती है। इन ‘माइक्रोन्यूट्रीएंट’ को शरीर खुद नहीं बना पाता इसलिए इन्हें आहार के ज़रिये लिया जाता है। (Nutritional disorders in hindi)

 

अगर खाने में ज़रूरी मात्रा से कम पोषक तत्व हो या आपका शरीर ही पोषण सोख नही पा रहा हो तो आपके शरीर में पोषण की कमी होने लगती है। किन-किन पोषक तत्वों की कमी से कौनसे रोग हो सकते हैं, आइये जानते हैं-

 

लौह तत्व की कमी 

आयरन की कमी सबसे आम समस्या है। अगर आपके शरीर में इसकी कमी है तो आपको एनीमिया हो सकता है। ऐसे में आप थकान, कमज़ोरी और उर्जहिनता महसूस कर सकते हैं।

आयरन की कमी दूर करने के लिए गहरे हरी साग, लाल मीट और अंडे की सफेदी खाएं। इसके अलावा शरीर में रक्तसंचार और संतुलन को बढ़ावा देने के लिए प्राणायाम और योग को भी दिनचर्या में जगह देना चाहिए।

 

विटामिन A की कमी 

यह पोषक तत्व आँखों की सेहत और प्रजनन तन्त्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। साथ ही इसके द्वारा हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

विटामिन A की कमी बच्चों में ऐसे अंधेपन की मुख्य वजह है जिसे आसानी से टाला जा सकता था। महिलाओं में इसकी कमी उनके आने वाले बच्चे और खुद उनके लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।

नवजातों के लिए विटामिन A का सबसे अच्छा स्रोत माँ का दूध है। वयस्कों को विटामिन A लेने के लिए इन पदार्थों का सेवन करना चाहिए-

  • दूध
  • अंडे
  • हरी सब्जियां
  • गाजर, शकरकंद, कद्दू आदि नारंगी सब्जियां
  • पपीता, टमाटर आदि लाल फल

 

थायमिन की कमी 

थायमिन की कमी भी एक आम समस्या है जिसकी वजह से आपके शरीर का मेटाबोलिज्म कमजोर होने लगता है। इस वजह से आपका वजन कम हो सकता है, शरीर में थकान रह सकती है, दिमाग सही से काम नहीं कर पाता या जल्द भूलने की बीमारी हो जाती है। इसके अलावा इस समस्या से आपके शरीर की नसों और मांसपेशियों को भी क्षति हो सकती है।

अक्सर शराब पीने से शरीर की थायमिन सोखने की शक्ति कम हो जाती है। कोशिश करें की शराब पीने को आदत न बनाया जाए। इसके अलावा इन पदार्थों का सेवन करें-

  • अंडे
  • दाल
  • मेवे
  • बीज
  • वीट जर्म

 

विटामिन D की कमी 

दुनिया भर में 10 करोड़ लोग विटामिन D की कमी से ग्रसित हैं। इन लोगों में गहरे रंग की त्वचा वाले ज्यादा हैं।

यह पोषक तत्व स्वस्थ हड्डियों के लिए बहुत ही ज़रूरी है। इसके ज़रिये शरीर में कैल्शियम की ज़रूरी मात्रा बरकरार रखी जाती है जिससे दांतों और हड्डियों को ज़रूरी पोषण मिलता है। ज़ाहिर है, इसकी कमी आपकी हड्डियों को कमजोर कर सकती है और बढकर ऑस्टियोपोरोसिस की वजह भी बन सकती है।

 

विटामिन D का सर्वश्रेष्ठ स्रोत सूरज की रौशनी है। कई शोध बताते हैं की हफ्ते में दो बार शरीर के हर हिस्से को 5-30 मिनट की धुप डी जानी चाहिए। इसके अलावा निम्न आहारों से भी विटामिन D मिलता है-

  • फिश लीवर आयल
  • वसायुक्त मछली
  • मशरुम
  • अंडे की सफेदी
  • लीवर

 

कैल्शियम की कमी 

कैल्शियम आपके दांत और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। इसके अलावा यह आपके दिल, नसों और मांसपेशियों को सही रूप से काम करने में मदद करता है।

कैल्शियम की कमी आपको आसानी से दिखाई नहीं देती। जब आपके शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो आपका शरीर हड्डियों का कैल्शियम उपयोग करने लगता है जिससे आगे जाकर हड्डियों का कम घनत्व और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी कई बड़ी समस्याएँ हो सकती हैं। इसके अलावा आपके दिल की धडकन भी असामन्य होने लगती है जिसके नतीजे जानलेवा हो सकते हैं। मीनोपॉज के बाद महिलाओं में बदलते हॉर्मोन के चलते कैल्शियम के अवशोषण में रुकावट आ सकती है।

कैल्शियम के श्रेष्ठ स्रोत इस प्रकार है-

  • दूध और दूध से बने पदार्थ
  • फोर्टीफाईड आहार
  • छोटी मछलियाँ
  • केला, ब्रोकली आदि