मॉनसून में न करें यह 7 गलतियां

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मॉनसून सिर्फ खुशनुमा मौसम और ठंडे वातावरण का ही नहीं, लापरवाही और नमी के कारण एलर्जी और संक्रमण का भी वक्त है। लापरवाही से उत्पन्न होनी वाली समस्याएं इन चार महीनों में ही नहीं बल्कि पुरे साल आपको आपको परेशान कर सकती है। इसलिए इस मौसम का लुत्फ़ उठाने के लिए इन सात गलतियां को करने से बचें-

 

  1. मौसम के लिए तैयार न रहना-
    आकस्मिक बारिश के लिए तैयार न रहना बहुत बड़ी भूल हो सकती है। हमेशा अपने साथ छाता या रेनकोट ज़रूर रखें भले ही बारिश होने के आसार नज़र न आ रहे हों। बारिश में भीगने से आपको सर्दी और खांसी हो सकती है जिससे आपकी नींद और दिनचर्या में कई दिनों तक मुश्किलें पैदा हो सकती है। ज़्यादा जनसंख्या वाले इलाकों में बारिश में कई अम्ल हो सकते है जिससे त्वचा के रोग हो जाते हैं।

2. तले भोजन खाएं-

मॉनसून में हल्की बारिश एक प्लेट भजिये और एक कप मसालाचाय के बिना अधूरी लगती है। पर यह ज़ुबान को अच्छे लगते स्वाद पेट में जाकर कई परेशानियां पैदा कर सकते हैं। इस मौसम में वैसे भी पाचन क्रिया कमज़ोर रहती है जिससे पेट हमेशा फूला और अपच से ग्रसित रहता है। इसलिए तले भोजन को कम से कम खाएं। साफ़ सुथरे तरीके से बना खाना ही खाएं।

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3. एक्ससरसाइस छोड़ना-
बारिश जिम न जाने न अच्छा बहाना है। एक्ससरसाइज न करना आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को घटा देता है और बीमारी की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। एलर्जी और बीमारी फ़ैलाने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है पसीना बहाना। इसलिए जिम न भी जा पाएं तो भी घर पर थोड़ा व्यायाम ज़रूर करें।

4. पर्याप्त पानी न पीना-
मौसम अब पहले जितना गर्म नहीं, इसलिए हमारे शरीर की पानी की ज़रूरत कम है। पर हम इस ज़रूरत से बहुत कम पानी पीने लगते हैं जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और आलस जकड़ता है। ज़रूरी है की 8 गिलास पानी रोज़ पियें।

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5. ज़रूरत से ज़्यादा सोना-
बारिश में ठंडक बढ़ते ही कंबल और बिस्तर बहुत प्यारा लगने लगता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कई वजहों से ज़रूरत से कम नींद लेते हैं। दोनों ही स्थितियां सेहत पर असर डालमुश्किल पैदा कर सकती हैं।अपच, थकान व् घटती रोग प्रतिरोधक क्षमता से बचने के लिए 7-8 घंटे ज़रूर सोएं।

6. साफ़-सफाई में लापरवाही बरतना-
सफाई से किनारा करना इस मौसम में भारी पड़ सकता है। खाने के पहले तथा बाद में हाथ धोना काफी नहीं, एक एंटीसेप्टिक साबुन से धोना ज़रूरी है। बाहर से आएं है तो शरीर पर लगे कीचड़ और पानी की बूंदों को जल्द और अच्छी तरह साफ़ करना आपको कई बिमारियों से बचा सकता है।

7. कपड़े न धोना-
ज़रूर बारिश के मौसम में पानी और नमी कपड़ों को जल्द सूखने नहीं देते पर यही वजह है की आपको कपड़े अच्छी तरह सुखाने व् धोने ज़रूरी है। नमी और कपड़ों में लगे तेल से इनमे फफूंद और कीटाणु पैदा हो जाते हैं जिससे एलर्जी और बीमारियां फ़ैल सकती है। यह बुज़ुर्गों और बच्चों को सबसे ज़्यादा असर पहुँचता है। इसलिए कपड़ों को समय पर धोएं, वाशिंग मशीन के ड्रायर या नीम के धुंए की मदद से कपड़े सुखाएं।