जानिए बाल झड़ने की 11 वजहें ताकि समय रहते किया जा सके उपाय

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image credits: MomJunction

ज्यादातर लोगों में दिन में 50-100 बाल गिरना आम बात होती है। (reason of hair fall, hair loss in male, female in hindi) इस तरह बाल गिरना बहुत ही सामान्य है और इससे आपके बालों के घनेपन में किसी प्रकार का फर्क नहीं आता क्यूंकि इन बालों के गिरते ही इनकी जगह नए बाल आने लगते हैं। हेयर लॉस की समस्या तब सामने आती है जब बालों के झड़ने और उगने का यह चक्र टूट जाता है।

 

बालों के इस झड़ने की वजह कई वजहें हो सकती हैं, जिनमे से कुछ प्रमुख वजहें हम आपके सामने रख रहे हैं-

 

शारीरिक तनाव-

शरीर को पहुंचा किसी भी तरह का झटका-चाहे वो दुर्घटना हो, ऑपरेशन या गंभीर बीमारी, एक अस्थाई हेयर लॉस को जन्म दे सकता है। गर्भावस्था भी शरीर के लिए एक तरह का झटका होती है जिसके दौरान बालों का गिरना आम होता है। शरीर को पहुंचे इस झटके से बालों के विकास और गिरने का प्राकृतिक चक्र बाधित हो जाता है जिससे बाल जल्दी गिरने लगते हैं। दुर्घटना के 3-6 बाद आपको ये हेयर लॉस नजर आने लगेगा।

चिंता न करें, यह लॉस पूरी तरह से अस्थाई है और आपका शरीर जल्द क्षतिपूर्ति कर बालों का विकास आरम्भ कर देगा।

 

बहुत ज्यादा विटामिन A का सेवन-

विटामिन A के सप्लीमेंट को ज़रूरत से ज्यादा लेना हेयर लॉस की वजह हो सकता है। अक्सर हम अच्छी सेहत के लिए खाने में विटामिन A लेने के साथ ही दवाएं और विटामिन सप्लीमेंट लेने लगते हैं जिससे ये समस्या आ सकती है।

विटामिन A का अतिरिक्त सेवन रोकने पर बालों का झड़ना धीरे-धीरे रुक जाएगा।

 

प्रोटीन की कमी-

भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न लेने से शरीर मांसपेशियों की ज़रूरत पूरी करने के लिए बालों का विकास रोक सकता है। खाने में प्रोटीन को अचानक कम कर देने के 2-3 महीनों बाद ही आपको ये फर्क दिखने लगेगा।

खाने में भरपूर मात्रा में अंडे, मछली, मीट या दालें और दूध के पदार्थ लें।

 

मेल पैटर्न बाल्डनेस-

60 की उम्र आने के पहले 3 में से 2 पुरुष गंजेपन का सामना करते हैं-इसकी वजह मेल पैटर्न बाल्डनेस है। इस तरह के हेयर लॉस की वजह अनुवांशिक और पुरुषों के हॉर्मोन का स्त्राव होता है। बहुत चिंता करने वाली महिलाओं में भी ये अवस्था देखी जा सकती है।

पुरुषों में अगर इस तरह के गंजेपन की शुरुआत हो गयी हो तो तुरंत एक क्रीम और दवा शुरू करने से हेयर लॉस रोका जा सकता है। इसके लिए अपने चिकित्सक से सम्पर्क करें।

 

अनुवांशिक-

अगर आप पुरुष हैं तथा आपके परिवार में कम से कम 2 पीढ़ियों को गंजेपन की समस्या हुई है तो आप भी खतरे के घेरे में हैं। इसी तरह महिलाओं के वंश में किसी महिला को प्रमाणिक गंजापन का सामना करना पीडीए हो तो वे भी इससे ग्रसित हो सकती हैं।

अगर ऐसा है तो शुरुआत से ही सावधानी रखें, अपने बालों की पूरी तरह देखभाल करें और बाल झड़ना शुरू होने पर चिकित्सक से सम्पर्क करें।

 

महिलाओं के होरमोन-

गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन में बदलाव आने से हेयर लॉस हो सकता है। इसी तरह गर्भनिरोधक दवाओं को लेना शुरू करना या बंद करना बालों का झड़ना शुरू कर सकता है। इसके अतिरिक्त किसी तरह की दवा या मीनोपॉज से आए हॉर्मोन के बदलाव भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

अगर आपके हेयर लॉस का कारण ये है तो चिकित्सक से परामर्श लेकर आपको हॉर्मोन को संतुलित करना बहुत ही ज़रूरी है। ध्यान रखें, हॉर्मोन के असंतुलन से हेयर लॉस से ज्यादा गंभीर समस्याएँ हो सकती है।

 

भावनात्मक तनाव-

शारीरिक तनाव के मुकाबले भावनात्मक तनाव के कारण हेयर लॉस इतना आम नहीं होता। जीवन में अचानक आए बदलाव जैसे किसी प्रिय का देहांत या किसी बीमार की चिंता भी बालों के झड़ने की शुरुआत कर सकती है।

भावनात्मक तनाव से उबरते ही यह समस्या खत्म हो जाएगी। पर अगर आप बालों के झड़ने और तनाव को जोड़ पा रहे हैं तो तनाव से उबरने के रास्ते ढूढें।

 

एनीमिया-

20 से 50 की उम्र के बीच की 10 में से एक महिला में लौह तत्व की कमी पाई जाती है। इस वजह से हुआ हेयर लॉस पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

ऐसा होने पर आपके चिकित्सक एक छोटा सा टेस्ट कर इसकी पुष्टि करेंगे। इसका उपचार करने के लिए आयरन की गोलियां और खाने में आयरन युक्त आहार लेने की सलाह की ज़रूरत पडती है।

 

थाइरोइड ग्रंथि का ठीक से काम न करना-

आपकी गर्दन में मौजूद यह ग्रंथि ऐसे हॉर्मोन का स्त्राव करता है जो आपके मेटाबोलिज्म और विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर यह सही से काम न करे तो बालों का झड़ना शुरू हो सकता है। आपके चिकित्सक इसकी सटीक वजह कुछ जांचों के बाद बटा पाएँगे।

आपके थाइरोइड के स्तर जब सामान्य हो जाएँगे तो बाल भी सामान्य अवस्था में लौट आएँगे। उपचार के दौरान कृत्रिम थाइरोइड की दवा आपके बालों और विकास की ज़रूरत पूरा करेगी।

 

ऑटोइम्यून सम्बंधित हेयर लॉस-

जब आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा सम्वेदनशील हो जाती है तो शरीर भ्रमित हो जाता है और बालों को गैर-शारीरिक समझकर इसपर आक्रमण करने लगता है। इसका नतीजा बालों के झड़ने के रूप में सामने में आता है।

इस अवस्था के शुरुआती उपचार में स्टेरॉयड के इंजेक्शन दिए जा सकते हैं। रोगैने नामक दवाई भी उपयोग की जा सकती है।

 

अचानक घटा वजन-

किसी तरह की गंभीर बीमारी, सदमा या दुःख शरीर को बहुत कमजोर कर अन्य समस्याओं के साथ हेयर लॉस को भी जन्म देता दे सकते हैं। इस समय शरीर को सही पोषण न मिल पाने से आकस्मिक घटा वजन ही इस समस्या की वजह होता है।

अचानक घटा वजन शरीर के लिए एक सदमा होता है जिससे उबरने के लिए इसे 6 महीने लग सकते हैं। इस अवधि के बाद आपके बाल दुबारा उगने लगेंगे।