7 ऐसे स्वास्थ्य उपाय जो झूठ हैं और आपको आसानी से ढग लेते हैं

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image credits: fitlife.tv

हम सभी ऐसे कई स्वास्थ्य उपाय सुनते हुए बड़े हुए हैं जिनके पीछे के कारण हमें कभी स्पष्ट नहीं रहे। माँ, दादी या किसी मैगज़ीन द्वारा सुझाए गये ये नुस्खे हमेशा सही हो यह ज़रूरी नहीं। आइये, जानें ऐसे ही 7 आम स्वास्थ्य उपाय जो दरअसल सही नही है-

 

आपको रोजाना 8 गिलास पानी पीना चाहिए

हमें अक्सर कहा जाता है की रोजाना 8 गिलास पानी पीना हमें स्वस्थ रखता है। पर मूल बात यह है की हम सभी का शरीर अलग-अलग है तथा इसकी ज़रूरत भी सबसे अलग होती है। पानी कितनी मात्रा में आपके लिए ज़रूरी है यह आपके वातावरण और शारीरिक क्रिया पर निर्भर करता है। जितना गर्म मौसम तथा जितनी सक्रियता आपके जीवन में होगी आपको उतनी ही ज्यादा पानी की ज़रूरत होगी।

 

रोजाना सेब खाने से आपको बीमारी नहीं होती

सेब बेशक स्वास्थ्य वर्धक होते हैं लेकिन जिस समय सेब से जुडी यह कहावत गढ़ी गयी, उस समय सेब का अर्थ किसी भी गोल फल को दर्शाने के लिए किया जाता था। इसलिए अकेले सेब के औषधीय गुण पर भरोसा करने की जगह आपको ज्यादा से ज्यादा फलों को अपने आहार में शामिल कर ज़रूरी पोषण लेना चाहिए। सभी फलों को खाएं तथा अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने की कोशिश करें।

 

आपको 8 घंटे की नींद की ज़रूरत है

हम सभी का जीवन और शरीर अलग-अलग है इसलिए इसके लिए ज़रूरी नींद की मात्रा भी अलग ही होगी। कई जगह आप 8 घंटे सोने की बात पढ़ या सुन सकते हैं पर दरअसल अगर आपका दिन कम क्रियाओं से गुजरता है या फिर आप सहजता से दिनभर कार्य करते हैं तो आपको कम नींद की ज़रूरत हो सकती है। वहीं कई बार बहुत थकान हो जाने पर 10 घंटे की नींद की ज़रूरत भी होती है। ऐसे में 8 घंटों को टारगेट लेकर चलना आपके स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

 

आपको रोजाना शौच जाना चाहिए

यह सुझाव भी एक मिथक ही है। रोजाना शौच जाना आपके स्वस्थ होने का संकेत नहीं है। न ही 3 दिन में एक बार शौच जाने का मतलब यह है की आपको कोई बिमारी है। चिकित्सीय दृष्टिकोण से देखें तो हफ्ते में तीन बार से लेकर दिन में तीन बार शौच जाने को सामान्य माना जाता है। समस्या तब है जब आपको शौच के दौरान दर्द या रक्तस्त्राव हो रहा हो।

 

सेनिटाइज़ेर आपको ज्यादा स्वच्छ रखते हैं

कई बार लोग हाथ धोने के बाद सेनिटाइज़ेर का उपयोग यह सोच कर करते हैं की इस तरह उके हाथ ज्यादा साफ़ रहेंगे। पर यह धारणा गलत है। साबुन से हाथ धोना और सेनिटाइज़ेर का उपयोग करना आपको बराबर मात्रा में स्वच्छता प्रदान करता है।

 

आटिज्म खसरा के टिके से होता है 

सालों पहले हुई एक गलत स्टडी में खसरा के टिके को आटिज्म का कारण माना गया। इसके बाद हुए कई शोध इसे मिथक बता चुके हैं। आटिज्म के कई कारण होते हैं लेकिन खसरा से बचाने वाला टिका इसका कारन नहीं होता।

 

नियमित डेटोक्स 
बाज़ार में डेटोक्स उत्पाद की बढत के साथ ही डेटोक्स से जुड़े कई मिथक भी बढ़ रहे हैं। शरीर को अंदरूनी सफाई देना ज़रूरी बेशक है लेकिन इसके लिए डेटोक्स जूस व अन्य उत्पादों पर भरोसा कने की जगह घर पर ही बने सादे आहार को प्राथमिकता
देनी चाहिए। साथ ही शराब और धुम्रपान से दूर रहना चाहिए।