यदि आप सूर्य नमस्कार-A और B में निपुण हैं तो शुरु कीजिए सूर्य नमस्कार-C

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image caption: http://s1.firstpost.in/

सूर्य नमस्कार योगासनों की एक श्रृंखला है जिनकी मदद से शरीर में ताप बढ़ाया जाता है। इन्हें अक्सर वार्म-अप के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन ये अपने आप में एक सम्पूर्ण व्यायाम भी है। सूर्य नमस्कार के तीन मुख्य रूप है जिन्हें अनुभव के अनुसार किया जाता है। (types of surya namaskar a,b, c yoga step by step pic, images, precautions in hindi)

अगर आप सूर्य नमस्कार-A और B में निपुण हैं तो इस नए रूप को भी आजमाएँ।

 

  1. ताड़ासन

सीधे खड़े हो जाएँ तथा पैरों के बीच थोड़ी दूरी बना लें। अपने दोनों हाथों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। अंगूठों को छाती से टिकाएँ तथा कुछ गहरी साँसें लें।

 

  1. उर्ध्व हस्तासन

अपने हाथ को सांस भरते हुए ऊपर उठाएं तथा सिर के ऊपर ले जाएं। पीठ को पीछे की ओर झुकाएँ तथा दृष्टि छत/आसमान की ओर रखें।

 

  1. उत्तानासन

सांस छोड़ते ही सामने की ओर झुकें तथा हाथों से पंजों को छुनें की कोशिश करे। अगर ज़रूरत लगे तो अपने घुटनों को मोड़ें। हथेलियों को पंजों के बाजु में रखें तथा अपनी नाक घुटने से छुएँ।

 

  1. अर्ध उत्तानासन

सांस भरें और धड़ को आधी दुरी तक ऊपर उठाएं ताकि आपकी पीठ ज़मीन के समानांतर आ जाए। अपने हाथ की उँगलियों को ज़मीन पर रखें।

 

  1. बनारासन

सांस छोड़ें और अपने दाएँ पैर को पीछे लेकर जाएं। अपनी उँगलियों और बाई एडी को ज़मीन पर रखें। दायें पंजे को पीछे ले जाने की कोशिश करें।

  1. कुम्भकासन

सांस भरें और बाएँ पैर को भी पीछे लेकर जाएं। इस तरह आप प्लांक की मुद्रा में आ जाएँ। अपनी उँगलियों को फैलाएं तथा जोड़ों के एक सीध में रखने की कोशिश करें।

 

  1. अष्टांग नमस्कार

सांस छोड़ते हुए घुटने नीचे लेकर आएं, कोहनियों को दोनों तरफ शरीर के पास लाएं। अपने कूल्हों को ज़मीन से उठाकर रखें तथा बाकी शरीर को ज़मीन पर ले आएं। ठोड़ी को ज़मीन पर रखें तथा सामने की ओर देखें।

 

  1. भुजंगासन

गहरी सांस भरें तथा हथेलियों को कंधे के नीचे लेकर आएं। अब पंजों के उपरी हिस्से को ज़मीन पर रखें तथा हाथों के बल छाती तक शरीर को उठाएं।

 

  1. अधो मुख स्वानासन

पंजों के निचले हिस्से को फिर से ज़मीन पर रखें, कूल्हों को हवा में उठाएं तथा नाभि की ओर देखें। अगर इस आसन में आने में मुश्किल हो रही हो तो पहले घुटनों पर आएं फिर पैरों को सीधा करें।

 

  1. बनारासन

सांस छोड़ें और अपने दाएँ पैर को पीछे लेकर जाएं। अपनी उँगलियों और बाई एडी को ज़मीन पर रखें। दायें पंजे को पीछे ले जाने की कोशिश करें।

 

  1. उत्तानासन

सांस छोड़ते ही सामने की ओर झुकें तथा हाथों से पंजों को छुनें की कोशिश करे। अगर ज़रूरत लगे तो अपने घुटनों को मोड़ें। हथेलियों को पंजों के बाजु में रखें तथा अपनी नाक घुटने से छुएँ।

 

  1. उर्ध्व हस्तासन

अपने हाथ को सांस भरते हुए ऊपर उठाएं तथा सिर के ऊपर ले जाएं। पीठ को पीछे की ओर झुकाएँ तथा दृष्टि छत/आसमान की ओर रखें।

 

  1. ताड़ासन

सीधे खड़े हो जाएँ तथा पैरों के बीच थोड़ी दूरी बना लें। अपने दोनों हाथों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। अंगूठों को छाती से टिकाएँ तथा कुछ गहरी साँसें लें।

 

इस श्रृंखला को कई बार करने से आपका शरीर गर्म और लचीला हो जाएगा। इसके बाद जटिल आसनों का अभ्यास या कार्डियो करने से आपके लाभ कई गुना बढ़ जाएँगे।

सारे योगासनों का एक योग- सूर्य नमस्कार