पूरे शरीर के रक्त संचार में सुधार करता है – अधो मुख व्रक्कासन योग

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अधो मुख व्रक्कासन में अधो का अर्थ है नीचे की ओर, मुख का अर्थ है सामने, व्रक्क का अर्थ है पेड़। यह आसन हाथों के संतुलन को दर्शाता है। इस आसन में हमारे पूरे शरीर का भार हाथों पर होता है। इस आसन को करने के लिए नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। इस आसन में शरीर की अवस्था दृढ पेड़ के सामान दिखाई देती है। एडी आप माउंटेन पोज़ जानते हैं तो अधो मुख व्रक्कासन बिल्कुल उसके विपरीत आसन है।

 

आसन को करने की विधि- Handstand pose yoga steps
 
1- इस आसन को शुरू करने के लिए आपको अधो मुख स्वानासन से शुरू करना होता है, यदि आप इसकी शुरुआत कर रहे हैं और दीवार का सहारा ले रहे हैं तो ध्यान दें की आपका हाथ दीवार से कम से कम 6 इंच दूर होना चाहिए। और अब अपने हाथों की ओर चलें यह सुनिश्चित कर लें की आपके कंधो का भार आपकी कलाई पर हो।
 
2- किसी भी एक पैर के घुटने को झुकाएं तथा दूसरे पैर के घुटने को फर्श से उठायें। जब आप स्थिर हो जाएँ तो पैर को सीधा करें। अब जैसे की आपका सीधा हुआ पैर दीवार से सहारा ले रहा है तो दूसरे पैर को उठायें। अब जब तक आप इस अवस्था में स्थिर न हो जाएँ ऐसे ही रहें।
 
3- जब आप ऐसा कर रहें है तो यह अवश्य सुनिश्चित करें की आपका सिर आपकी दोनों ऊपरी भुजाओं के बीच है।
 
4- अब अपने पैरों को दीवार से हटाने की कोशिश करें।
 
5- अपनी नजर को जमीन पर किसी एक बिंदु पर केन्द्रित करें, इससे आपको मदद मिलेगी।
 
6- धीमी गति से गहरी साँसे लें, अब एक मिनट तक इसी मुद्रा में रहें।
 
7- अब आराम की अवस्था में आने के लिए एक एक करके अपने पैरों को धीरे धीरे नीचे लायें। आराम करें।

 

वीडियो में देखें-

 

अधोमुख व्रक्कासन के लाभ- Benefits of Handstand pose yoga
 
1- यह आसन कन्धों, भुजाओं तथा कलाइयों को मजबूती प्रदान करता है।
 
2- पेट में खिंचाव उत्पन्न करता है।
 
3- इस आसन का अभ्यास करने से संतुलन में वृद्धि होती है।
 
4- मस्तिष्क को शांत करता है तथा तनाव और हल्के अवसाद को दूर करने में मदद करता है।
 
5- पूरे शरीर के रक्त संचार में सुधार होता है।